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अब सड़कों पर चलती-फिरती प्याऊ, प्यासे गलों को करेंगी शीतल जल से तर

बीकानेर. आमतौर पर जल मंदिर अथवा प्याऊ एक स्थान पर बनाई जाती है, जहां लोग अपनी प्यास जल से बुझाते है। शहर में चल रही भीषण गर्मी और नौ तपा में अब सड़कों पर चलती-फिरती प्याऊ भी नजर आएगी। इस प्याऊ से लोग अपने प्यासे गलों को शीतल जल से तर कर प्यास बुझा सकते […]

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May 28, 2024

बीकानेर.

आमतौर पर जल मंदिर अथवा प्याऊ एक स्थान पर बनाई जाती है, जहां लोग अपनी प्यास जल से बुझाते है। शहर में चल रही भीषण गर्मी और नौ तपा में अब सड़कों पर चलती-फिरती प्याऊ भी नजर आएगी। इस प्याऊ से लोग अपने प्यासे गलों को शीतल जल से तर कर प्यास बुझा सकते है। रोट्रेक्ट क्लब बीकानेर मरुधरा की ओर से इस चलित प्याऊ की पहल की गई है। मंगलवार को इस चलित प्याऊ से जल सेवा प्रारंभ की गई। नत्थूसर गेट के बाहर िस्थत गोकुल सर्कल पर इस चलित प्याऊ को डॉ. अभिषेक व्यास, डॉ. अमित पुरोहित, डॉ. आनंद जोशी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान

ई रिक्शा पर प्याऊ, कैंपर से जल सेवा

अध्यक्ष पवन व्यास के अनुसार ई रिक्शा के माध्यम से चलित प्याऊ का संचालन किया जा रहा है। इस पर एक साथ पन्द्रह कैंपर मौजूद रहेंगे। सुबह 9 बजे से देर शाम तक प्याऊ का संचालन होगा। सात दिनों तक प्याऊ के संचालन को प्रारंभ किया गया है। जरुरत महसूस होने पर इस अवधि को और भी बढ़ाया जा सकता है। रोज पचास कैंपर पानी की सेवा का लक्ष्य है। शहर के बाजारों, मुख्य मार्गों, सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों आदि उन स्थानों पर प्याऊ पहुंचेगी, जहां प्याऊ अथवा राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है।

लू व ताप घात से बचाव की जानकारी

चलित प्याऊ से राहगीर न केवल शीतल जल की सेवा ले सकेंगे बल्कि भीषण गर्मी, लू और ताप घात से किस प्रकार बचाव किया जा सकता है, इसकी जानकारी भी प्याऊ पर लगे बोर्ड, निर्देशों से ले सकेंगे। संयोजक मणिशंकर छंगाणी के अनुसार लू ताप घात से बचाव की जानकारी भी प्याऊ के माध्यम से दी जा रही है। सचिव चंद्रेश पारीक के अनुसार गर्मी का असर कम न हुआ तो नौ तपा के बाद भी जल सेवा अनवरत जारी रहेगी। इस अवसर पर रमाशंकर कल्ला, यादवेंद्र व्यास, मनीष पुरोहित, सुरेन्द्र जोशी आदि मौजूद रहे।

Published on:
28 May 2024 11:09 pm
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