कुछ केन्द्रों पर शुरू हुई गेहूं की तौल, इंतजार करते हुए निकल गया पूरा माह, मजबूरी में किसान बेच रहे मंडी में कम दामों पर उपज, हो रहा ढाई सौ रुपए क्विंटल का घाटा
बीना. बारदाना की कमी के चलते आठ केन्द्रों पर मंगलवार को भी चना, मसूर की खरीद शुरू नहीं हो सकी। जबकि केन्द्रों पर किसान तौल के इंतजार में बैठे हुए हैं, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है। वहीं, मंगलवार से गेहूं की खरीदी कुछ केन्द्रों पर शुरू हो गई है।
शुक्रवार को चना, मसूर की सभी आठों खरीदी केन्द्रों पर बारदाना खत्म हो गया था और किसानों को मंगलवार को बारदाना आने का आश्वासन दिया था, लेकिन बारदाना न आने से तौल शुरू नहीं हो सकी। जबकि किसान आठ दिन से तौल का इंतजार कर रहे हैं, जिससे आक्रोश बढ़ रहा है। किसान सुरेश कुमार निवारी ने बताया कि वह उपज की तौल कराने के लिए आठ दिन से इंतजार में बैठे हुए हैं, लेकिन बारदाना न आने से तौल नहीं हो सकी। इसी तरह किसान देवेन्द्र कुमार वीरमखेड़ी, प्रकाश कुर्मी बसाहरी, महाराज सिंह बेधई, अरविन्द सिंह बरमाईन, जयभान सिंह बसाहरी मसूर, चना की तौल कराने केन्द्र पर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ जल्द बारदाना आने का आश्वासन दिया जा रहा है। समिति संचालक आज बारदाना आने की बात कह रहे हैं और फिर तौल शुरू हो सकेगी।
किसानों ने किया प्रदर्शन
तौल न होने पर किसान नेता इंदर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने बिहरना वेयरहाउस परिसर में प्रदर्शन किया और चेतावनी दी है कि यदि आज से तौल शुरू नहीं की गई, तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। किसान नेता ने बताया कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर खरीदी के नाम पर किसानों से मजाक किया जा रहा है। गेहूं की खरीदी शुरू नहीं हो पा रही है और बारदाना की कमी के चलते चना, मसूर की तौल भी रुकी हुई है। किसान आठ-आठ दिन से केन्द्रों पर बैठकर तौल का इंतजार कर रहे हैं।
सभी केन्द्रों पर गेहूं की तौल नहीं हो सकी शुरू
मंगलवार से गेहूं की तौल, तो शुरू हुई हैं, लेकिन सात केन्द्रों में से करीब तीन पर खरीदी हुई है। खरीदी के लिए सभी केन्द्रों पर बारदाना पहुंच गया है और आज से सभी जगह खरीदी शुरू होने की बात अधिकारी कह रहे हैं। यदि जल्द खरीदी में तेजी नहीं आई, तो किसान उपज नहीं बेच पाएंगे।