
Parliament Special Session: हंगामे और शोर-शराबे की भेंट चढ़ चुके संसद के मानसून सत्र को फिर बुलाया जा सकता है। इसको लेकर संकेत देते हुए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं से महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने का वादा किया है और सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।
किरेन रिजिजू की इस टिप्पणी का हवाला देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। उन्होंने मांग की कि संसद का विशेष सत्र बुलाने से पहले परिसीमन को लेकर सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया है कि केंद्रीय मंत्री ने संसद के विशेष सत्र के संकेत दिए हैं। हालांकि, रिजिजू ने 2029 से महिला आरक्षण कानून लागू करने और लोकसभा की सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव को लेकर तत्काल संसद सत्र बुलाए जाने पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।
लोकसभा चुनाव 2029 में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सरकार परिसीमन विधेयक को पारित करना जरूरी मान रही है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त हो गया था, लेकिन अभी तक इसका सत्रावसान नहीं किया गया है।
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, शंघाई सहयोग संगठन (SCO), ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठकों को देखते हुए सितंबर के पहले सप्ताह में संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए 30 अगस्त को किर्गिस्तान जाएंगे और तीन सितंबर को स्वदेश लौटेंगे। इसके बाद 12-13 सितंबर को दिल्ली में ब्रिक्स देशों की बैठक होगी। इसमें सभी ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की संभावना है।
वहीं, सितंबर के तीसरे सप्ताह में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक होगी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका जाएंगे या नहीं, इसको लेकर अभी फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में सितंबर का पहला सप्ताह महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिहाज से उपयुक्त माना जा रहा है।
आपको बता दें कि अप्रैल में भी तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाकर इन विधेयकों को पारित कराने की कोशिश की गई थी। हालांकि, विपक्ष के एकजुट विरोध के चलते सरकार की यह कोशिश सफल नहीं हो सकी थी।
परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को दोबारा लाने की हलचल के बीच सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा कि उनकी पार्टी का स्पष्ट मत है कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या और उसमें राज्यों के प्रतिनिधित्व का हिस्सा अगले 25 वर्षों तक स्थिर रखा जाना चाहिए। कांग्रेस की यह भी मांग है कि मौजूदा लोकसभा की सीटों की संख्या के आधार पर ही 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जाए।