
मल्लिकार्जुन खड़गे(फोटो-ANI)
Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकारी नौकरियों में खाली पदों और बढ़ते ठेकेदारी रोजगार को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान में बदलाव किए बिना ही आरक्षण के अवसरों को खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। खड़गे ने कहा कि सरकारी पद खाली रखना, सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरियों को कम करना और स्थायी रोजगार की जगह ठेका व्यवस्था बढ़ाना सामाजिक न्याय के खिलाफ है। खड़गे ने सोशल मीडिया साइट 'X' पर पोस्ट कर दावा किया कि 2015 में केंद्र सरकार में करीब 4.21 लाख पद खाली थे, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 8.24 लाख हो गई। उन्होंने रेलवे में 2.40 लाख, रक्षा क्षेत्र में 2.41 लाख और गृह मंत्रालय में 1.10 लाख पद खाली होने का भी दावा किया।
खड़गे ने कहा कि मुद्दा केवल रोजगार का नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का भी है। उनका आरोप है कि जब आरक्षित श्रेणी के सरकारी पद खाली रहते हैं तो एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्गों को मिलने वाला रोजगार का अवसर प्रभावित होता है। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों यानी पीएसयू में स्थायी नौकरियों में कमी और ठेका कर्मचारियों की संख्या बढ़ने का भी मुद्दा उठाया। खड़गे के मुताबिक, पीएसयू में 5.1 लाख स्थायी नौकरियां खत्म हुई हैं, जबकि ठेका कर्मचारियों की हिस्सेदारी 19 फीसदी से बढ़कर 49 फीसदी हो गई है। खड़गे ने आरोप लगाया कि स्थायी सरकारी रोजगार को ठेके की नौकरियों में बदलने और पीएसयू को बेचने से आरक्षण के तहत मिलने वाली नौकरियों के अवसर भी कम होते हैं। उन्होंने इसे भाजपा की सामाजिक न्याय विरोधी नीति करार दिया।
खड़गे ने कहा कि आरक्षण खत्म करने के लिए संविधान में बदलाव करना जरूरी नहीं है। उनके मुताबिक, आरक्षण के दायरे में आने वाली सरकारी नौकरियों की संख्या कम कर देना भी इसके प्रभाव को खत्म करने का एक तरीका हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान से मिले अधिकारों को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पोस्ट में युवाओं की शिक्षा और रोजगार की स्थिति को लेकर भी केंद्र सरकार से सवाल पूछे। उन्होंने नीति आयोग के अनुमान का हवाला देते हुए दावा किया कि 15 से 29 वर्ष की उम्र के 8.7 करोड़ युवा न तो शिक्षा ले रहे हैं, न रोजगार में हैं और न ही किसी ट्रेनिंग से जुड़े हैं। उन्होंने जुलाई 2026 के पीएलएफएस आंकड़ों का हवाला देते हुए युवा बेरोजगारी दर 15.6 फीसदी और युवा महिलाओं में यह दर 19.5 फीसदी होने का दावा किया।
खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीन सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि ग्रेजुएशन के बाद युवाओं के लिए पर्याप्त नौकरियां कहां हैं, हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के वादे का क्या हुआ और भारत के जनसांख्यिकीय लाभ को जनसांख्यिकीय संकट में बदलने के लिए कौन जिम्मेदार है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पेपर लीक, भर्ती में देरी, कौशल की कमी और गुणवत्तापूर्ण नौकरियों के अवसर घटने से युवाओं के भविष्य पर असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा महंगी हो रही है और डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है।
Updated on:
24 Aug 2026 06:45 pm
Published on:
24 Aug 2026 06:40 pm
