अनूपपुर. अनूपपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कदम टोला में 10 करोड़ रुपए की लागत से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया था। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जरूरी सुविधाओं के साथ भूखंड तैयार किए गए थे, ताकि युवाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए बेहतर माहौल मिल सके। इसके बावजूद लोगों में रुचि नहीं दिख रही […]
अनूपपुर. अनूपपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कदम टोला में 10 करोड़ रुपए की लागत से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया था। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जरूरी सुविधाओं के साथ भूखंड तैयार किए गए थे, ताकि युवाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए बेहतर माहौल मिल सके। इसके बावजूद लोगों में रुचि नहीं दिख रही है। लगभग 10 वर्ष बीत जाने के बावजूद अभी तक सिर्फ 7 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुए हैं। शासन द्वारा यहां सड़क, नाली तथा पानी की व्यवस्था करने के लिए 10 करोड़ रुपए की लागत से 89 भूखंड तैयार करते हुए इसकी नीलामी की गई। 63 भूखंड अभी तक नीलाम किया जा चुके हैं जिनमें से 32 पर सात औद्योगिक इकाइयों का संचालन किया जा रहा है। शेष 31 में उद्योग स्थापित करने में उद्यमियों की रुचि नहीं है जिसके कारण अभी तक उनके द्वारा यहां पर कोई भी कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। जो 7 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं, उनमें राइस मिल, प्लास्टिक उद्योग, फेंसिंग तार, ऑयल, कैप्सूल, मसाला, ऑयल रिफलिंग से संबंधित हैं। 4 औद्योगिक इकाइयां स्थानीय लोगों की हैं। तीन इकाइयों का संचालन अंबिकापुर, हैदराबाद तथा कोलकाता के व्यवसाईयों द्वारा किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा लाभ
कदम टोला निवासी मनोज चंद्रा ने बताया कि जिले में औद्योगिक केंद्र स्थापित किए जाने के लिए शासन तथा प्रशासन द्वारा उद्यमियों को सभी तरह की रियायत प्रदान की जा रही है। ऋण दिलाए जाने के साथ ही सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है ताकि जिले में औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो सकें और युवा नए रोजगार का सृजन हो। इसके विपरीत 10 करोड़ खर्च होने के बाद अभी तक स्थानीय लोगों को इससे कोई लाभ नहीं मिल पाया है। कदम टोला के लोगों को ही इससे रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
बाजार उपलब्ध नहीं होने से भी दिक्कत
ग्रामीणों का कहना है कि जब यह औद्योगिक क्षेत्र प्रारंभ हो रहा था तब कहा गया था कि इसकी स्थापना से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कदम टोला निवासी विजय तिवारी ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में अभी कई भूखंड रिक्त पड़े हुए हैं लेकिन इसके लिए यहां नए उद्योग स्थापित करने के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा है। जिसका कारण यह है कि यहां औद्योगिक क्षेत्र तो स्थापित किया गया है लेकिन यहां उसके अनुरूप उत्पादित माल की खपत करने के लिए बाजार नहीं है। औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने वाले व्यापारियों को इसकी असफलता का डर बना हुआ है।
लगातार प्रयास किया जा रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में औद्योगिक केंद्र की स्थापना की जाए। साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ दिलाते हुए और उद्योग स्थापित हों। अभी तक हमने 7 उद्योग स्थापित किए हैं जो भूखंड शेष हैं उनका विक्रय कर जल्द ही उद्योग प्रारंभ कराए जाएंगे। रतन सिंह डाबर, जीएम उद्योग एवं व्यापार केंद्र अनूपपुर