जैसलमेर शहर में लगातार हो रहे विद्युत व्यवधान ने अब आमजन के साथ व्यापारिक गतिविधियों और नाइट लाइफ को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
जैसलमेर शहर में लगातार हो रहे विद्युत व्यवधान ने अब आमजन के साथ व्यापारिक गतिविधियों और नाइट लाइफ को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। रात के समय बार-बार बिजली गुल होने से बाजारों की रौनक फीकी पड़ रही है। मुख्य बाजार, पर्यटन क्षेत्र, कैफे और होटल परिसर देर रात तक पहले की तरह सक्रिय नजर नहीं आ रहे। अंधेरा बढ़ने से लोगों ने रात के समय घरों से बाहर निकलना कम कर दिया है, जिससे कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
पर्यटन नगरी होने के कारण जैसलमेर में शाम ढलने के बाद बाजारों और होटल क्षेत्रों में विशेष चहल-पहल रहती है। पर्यटक देर रात तक खरीदारी, भोजन और सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लेते हैं, लेकिन लगातार हो रही बिजली कटौती ने इस पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। कई बाजारों में जनरेटर की व्यवस्था नहीं होने से दुकानों को समय से पहले बंद करना पड़ रहा है। वहीं छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी बढ़ गया है।
होटल और कैफे संचालकों का कहना है कि बिजली व्यवधान से पर्यटक असहज महसूस कर रहे हैं। एयर कूलिंग, इंटरनेट, लाइटिंग और संगीत व्यवस्था प्रभावित होने से ग्राहकों का अनुभव खराब हो रहा है। इसका असर बुकिंग और फुटफॉल दोनों पर दिखाई देने लगा है। शहर के कई कैफे और रूफटॉप रेस्टोरेंट में पहले जहां देर रात तक भीड़ रहती थी, वहां अब समय से पहले सन्नाटा छाने लगा है।
रात के समय अंधेरा बढ़ने से सुरक्षा को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ी है। कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों ने रात में बाहर निकलने से परहेज शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली गुल रहने से चोरी और अन्य घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। स्थानीय निवासी हेमंत सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में रात के समय बिजली कटौती से आमजन बेहद परेशान हैं। बाजारों में पहले जैसी रौनक नहीं दिखाई दे रही और लोग जल्दी घर लौटने लगे हैं। होटल व्यवसायी राजीव मेहता ने कहा कि पर्यटक बेहतर सुविधाओं की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन लगातार बिजली जाने से उनकी नाराजगी बढ़ रही है। इससे पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा है। कैफे संचालक फरहान खान ने बताया कि बिजली व्यवधान के कारण संगीत, कूलिंग और रोशनी प्रभावित होती है। कई ग्राहक बीच में ही लौट जाते हैं, जिससे व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी पूजा शर्मा ने कहा कि रात के समय अंधेरी गलियों और बंद स्ट्रीट लाइटों के कारण महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। शहर में स्थायी समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।