समाचार

पंजीयन विभाग से रेट लिस्ट गायब, पारदर्शिता पर उठे सवाल

- गेट पर किया था चस्पा, उखाड़ कर फेंका

less than 1 minute read
- गेट पर किया था चस्पा, उखाड़ कर फेंका

गेट पर किया था चस्पा, उखाड़ कर फेंका, इसमें सेवा प्रदाता के काम का शुल्क लिखा था

ग्वालियर। पंजीयन विभाग कार्यालय के बाहर पक्षकारों की सुविधा के लिए लगाया गया रेट लिस्ट का बैनर अचानक गायब हो गया है। गेट पर चस्पा यह बैनर उखाड़कर फेंक दिया गया, जिससे अब लोगों को रजिस्ट्री लेखन और सेवा प्रदाताओं के तय शुल्क की जानकारी नहीं मिल पा रही है।

बैनर में दस्तावेज लेखन की निर्धारित फीस और सेवा प्रदाता किन कार्यों के लिए कितनी राशि ले सकते हैं, इसका स्पष्ट उल्लेख था। इसका उद्देश्य अतिरिक्त वसूली पर रोक लगाना और पक्षकारों को तय दरों की जानकारी देना था। बैनर हटने के बाद मनमानी शुल्क वसूली की आशंकाएं फिर बढ़ गई हैं।

कार्यालय परिसर और अंदर कहीं भी शुल्क सूची प्रदर्शित नहीं होने से आम लोगों को परेशानी हो रही है। पहले विभाग ने पारदर्शिता के तहत शुल्क सार्वजनिक किए थे, लेकिन अब उनके गायब होने से सवाल उठने लगे हैं।

संपदा-2 सॉफ्टवेयर से रजिस्ट्री प्रक्रिया
पंजीयन विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए संपदा-2 सॉफ्टवेयर लागू किया गया है। इसमें स्टांप ड्यूटी चोरी और संपत्ति विक्रय में फर्जीवाड़े पर रोक के दावे किए गए हैं। रजिस्ट्री पेश होने के बाद उप पंजीयक कार्यालय से टोकन जारी होता है और फोटो प्रक्रिया के बाद दस्तावेज मोबाइल व ई-मेल पर उपलब्ध हो जाता है। हालांकि तकनीकी प्रक्रिया जटिल होने के कारण अधिकांश पक्षकार सेवा प्रदाताओं की मदद लेते हैं।

दस्तावेज लेखन की निर्धारित फीस

शपथ पत्र/प्रतिलिपि आवेदन, निरीक्षण – ₹50

दस्तावेज संशोधन – ₹100

मुख्तयारनामा, अनुबंध – ₹100

वसीयत, दत्तक अभिलेख, विवाह विच्छेद – ₹250

रजिस्ट्री (5 लाख तक) – ₹500

रजिस्ट्री (5 लाख से अधिक) – ₹1000

क्या कहते हैं अधिकारी
जिला पंजीयक अशोक शर्मा के अनुसार, “बैनर दोबारा लगाया जाएगा ताकि पक्षकारों को लेखन शुल्क की जानकारी मिल सके।”

Updated on:
22 Feb 2026 05:52 pm
Published on:
22 Feb 2026 05:46 pm
Also Read
View All

अगली खबर