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एमपी के 7 जिलों में सड़क-पुल का निरीक्षण करने जा पहुंची टीम, 3 अधिकारियों पर गिरी गाज

MP PWD- मुख्य अभियंताओं की टीम प्रदेश के 7 जिलों में पहुंची और निर्माण कार्यों का जायजा लिया

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MP pwd (DEMO PIC)

PWD- मध्यप्रदेश में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर खासा ध्यान दिया जा रहा है। सड़क, पुल, भवन की गुणवत्ता जांचने के लिए औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इससे लोक निर्माण विभाग पीडब्लूडी, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम, पीआईयू (भवन) आदि विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माणों की गुणवत्ता परखी जाती है। इसी क्रम में पीडब्लूडी के मुख्य अभियंताओं की टीम प्रदेश के 7 जिलों में पहुंची और निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान लापरवाही पाए जाने पर जहां ठेकेदार, निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की गई वहीं विभागीय इंजीनियरों, अधिकारियों पर भी गाज गिरी।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधार के लिए बनाई गई कार्ययोजना के अंतर्गत मुख्य अभियंताओं के 7 दल, 7 जिलों में पहुंच गए। हरदा, सिवनी, शिवपुरी, झाबुआ, रीवा, रतलाम एवं टीकमगढ़ जिलों में ये टीमें पहुंची और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

सभी जिलों में निरीक्षण के दौरान कुल 35 निर्माण कार्यों का रेंडम आधार पर चयन कर परीक्षण किया गया। इनमें 21 कार्य (सड़क/पुल) लोक निर्माण विभाग यानि पीडब्लूडी के, 5 कार्य (भवन) पीआईयू के, 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के तथा 2 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के थे।

हरदा में लोलांगरा से रहटकलां मार्ग निर्माण की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा के लिए बैठक ली गई। बैठक में हरदा जिले में लोलांगरा से रहटकलां मार्ग निर्माण कार्य की गुणवत्ता असंतोषजनक पाई गई। इसपर ठेकेदार द्वारा किए गए अमानक कार्य को निरस्त करने, जमा राशि राजसात करने तथा अनुबंध विखंडित कर शेष कार्य के लिए पुनः निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए। संबंधित ठेकेदार मेसर्स ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी, हरदा को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए।

ठेकेदार के साथ ही इस मामले में संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गाज गिरी। उपयंत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए। समय पर कार्रवाई प्रस्तावित न करने पर अधीक्षण यंत्री भी फंस गए। उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। कार्य में विलंब के कारण पूर्व में पदस्थ अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए।

सिवनी जिले में पिपरिया से सथाई मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। 3.43 किमी लंबाई के इस मार्ग के लिए संबंधित ठेकेदार मेसर्स ओमकार कंस्ट्रक्शन, बालाघाट को ब्लैकलिस्ट करने के लिए मुख्य अभियंता, जबलपुर परिक्षेत्र को निर्देशित किया गया। बैठक में प्रमुख अभियंता (सड़क/पुल) केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एसआर बघेल, भवन विकास निगम के प्रमुख अभियंता अजय श्रीवास्तव, तकनीकी सलाहकार आरके मेहरा सहित वरिष्ठ अधिकारी व मैदानी अभियंता ऑनलाइन उपस्थित रहे।