
ग्वालियर. कूनो नेशनल पार्क की सीमा के बाहर 19 माह के चीता शावक की कथित शिकार से हुई मौत के बात वन विभाग ने चीता सेफ्टी की गाइडलाइन जारी की है। चीतों के भारत में पुनर्वास के बाद कथित शिकार का यह पहला मामला था। इस बीच शुक्रवार को फिर एक वयस्क चीते ने कूनो की सरहद पार कर दी। पार्क की सीमा से बाहर निकले चीते की सुरक्षा को लेकर 19 सूत्रीय सुरक्षा गाइडलाइन पर अब वन विभाग की टीमें चौबीसों घंटे चीते पर नजर रखेंगी। वहीं, आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को चीते से दूरी बनाने को कहा गया है। वन विभाग गांवों में अवैध हथियारों की भी जांच कर रहा है।
कड़ी सुरक्षा, तीन शिफ्टों में होगी निगरानी
चीते की सुरक्षा और निगरानी के लिए वन विभाग ने 19 सूत्रीय गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत तीन विशेष टीमें ए, बी और सी बनाई गई हैं, जो 12-12 घंटे की शिफ्ट में काम करेंगी। ट्रैकिंग के दौरान वाहन चीते से 300 से 400 मीटर की दूरी पर रहेंगे। शोर-शराबे पर पाबंदी रहेगी। कर्मचारी धीमी आवाज में बात करेंगे और वायरलेस सेट की आवाज भी न्यूनतम रखेंगे। चीते के स्वास्थ्य की जांच सुबह और शाम दूरबीन से की जाएगी।
पांच जिलों में वन अमला अलर्ट पर
चीते के इस मूवमेंट के बाद वन विभाग ने ग्वालियर-चंबल अंचल के पांच जिलों में अलर्ट जारी किया है। वन संरक्षक (ग्वालियर वृत्त) लवित भारती ने ग्वालियर, मुरैना, दतिया, श्योपुर और भिंड के डीएफओ को सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। निगरानी में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
लोकेशन की रोजाना दो बार रिपोर्टिंग
चीते की गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने के लिए अलग मूवमेंट डायरी बनाई जाएगी। टीम बदलने पर यह डायरी अगली टीम को सौंपी जाएगी। इसके अलावा सुबह 8 और शाम 5 बजे व्हाट्सऐप ग्रुप तथा सरकारी ईमेल पर लोकेशन और सिग्नल की रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है।