समाचार

शाह का कमाल, अन्नाद्रमुक से गठबंधन बहाल

ईपीएस के नेतृत्व में लड़ा जाएगा आगामी विधानसभा चुनाव चेन्नई. कूटनीतिज्ञ के रूप में पहचान स्थापित कर चुके गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व सीएम और अन्नाद्रमुक महासचिव ईके पलनीस्वामी (ईपीएस) को गठबंधन के लिए मना लिया है। ईपीएस की अगुवाई में तमिलनाडु का अगला विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। सीएम प्रत्याशी, घटक दलों, सीटों के […]

3 min read
Apr 11, 2025

ईपीएस के नेतृत्व में लड़ा जाएगा आगामी विधानसभा चुनाव

चेन्नई. कूटनीतिज्ञ के रूप में पहचान स्थापित कर चुके गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व सीएम और अन्नाद्रमुक महासचिव ईके पलनीस्वामी (ईपीएस) को गठबंधन के लिए मना लिया है। ईपीएस की अगुवाई में तमिलनाडु का अगला विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। सीएम प्रत्याशी, घटक दलों, सीटों के बंटवारे समेत अन्य विषयों पर बाद में निर्णय होगा। नीतिगत विवादों को दूर करने के लिए शाह ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम का फाॅर्मूला भी सुझाया है।शुक्रवार को दिनभर की ऊहापोह के बाद लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा से 2023 में नाता तोड़ने वाले अन्नाद्रमुक महासचिव पलनीस्वामी जब अमित शाह के साथ एक मंच पर मीडिया से रूबरू हुए तो स्पष्ट हो गया कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन पर मुहर लग चुकी है। बता दें कि शाह पहले बारह बजे संवाददाता सम्मेलन करने वाले थे, जो बाद में शाम पांच बजे हुई।

तमिलनाडु में एनडीए की सरकार

गृह मंत्री ने कहा, ‘ मैं तमिलनाडु की जनता व देशवासियों को पंगुणी उत्तिरम की बधाई देता हूं। भाजपा और अन्नाद्रमुक दोनों पार्टियों ने मिलकर तय किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव एनडीए के नाते लड़ा जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य स्तर पर यह चुनाव ईपीएस के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।’ उन्होंने कहा, दोनों पार्टियों में 1998 से गठबंधन होता रहा है। मोदी और जयललिता ने एकसाथ काम किया है। एक समय पर गठबंधन ने राज्य की 39 में से 30 सीटें जीत थी। उनको पूरा विश्वास है कि आने वाले चुनाव में एनडीए प्रचंड बहुमत से जीतेगी और तमिलनाडु में एनडीए की सरकार बनेगी।

गठबंधन की कोई शर्त नहीं

गठबंधन के लिए अन्नाद्रमुक की ओर से रखी गई शर्तों के बारे में पूछने पर स्पष्ट जवाब में शाह ने कहा, ना कोई शर्त रखी और ना ही कोई डिमांड। इसी से जुड़े एक अन्य प्रश्न को उन्होंने झुठलाया कि अन्नाद्रमुक ने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के. अन्नामलै को हटाने की मांग रखी थी। शाह ने कहा, वे अभी भी मेरे साथ बतौर प्रदेशाध्यक्ष ही बैठे हैं। ओपीएस और टीटीवी दिनकरण के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कहा साथ में बैठकर अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। अन्नाद्रमुक, भाजपा के लिए और भाजपा, अन्नाद्रमुक के लिए उपयोगी है। सीएम उम्मीदवार, सीटों की संख्या और मंत्रिमंडल गठबंधन पर निर्णय चुनाव जीतने के बाद होगा, लेकिन यह स्पष्ट है कि चुनाव ईपीएस की अगुवाई में लड़ा जाएगा।

न्यूनतम साझा कार्यक्रम

विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे मसलों मसलन, नीट और परिसीमन पर अन्नाद्रमुक के भाजपा से विरोधी रुख होने की िस्थति में गठबंधन पर संभावित असर को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि इन मुद्दों पर आपस में बैठकर चर्चा की जाएगी और आवश्यक हुआ तो न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाया जाएगा। प्रेस वार्ता में हुए विलम्ब पर चुटकी लेते हुए शाह ने कहा, गठबंधन स्थाई रहे इसलिए यह समय लगा है।

भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी डीएमके भटका रही ध्यान

सत्तारूढ़ डीएमके की ओर से उठाए जा रहे मसलों को शाह ने ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। उन्होंने तस्माक से लेकर मनरेगा तक के करोड़ों के घोटालों के लिए डीएमके को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि तमिलनाडु की जनता समझदार है। वह मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उदयनिधि से जवाब मांग रही है। डीएमके ने तमिल भाषा के विकास के लिए कुछ नहीं किया है। शाह ने पीएम मोदी की ओर से किए गए कार्यों की सूची भी पढ़ी। संवाददाता सम्मेलन में शाह, ईपीएस के अलावा अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता के. पी. मुन्नुसामी, एस. पी. वेलुमणि, भाजपा नेता के. अन्नामलै और भाजपा विधायक नैनार नागेंद्रन मौजूद थे।

Published on:
11 Apr 2025 07:05 pm
Also Read
View All

अगली खबर