भीलवाड़ा। खुशियां मनाने और सुनहरे सपनों को समेटने की चाहत लेकर भीलवाड़ा से सात समंदर पार दुबई गए परिवारों के लिए आज हर पल किसी डरावने साये जैसा बीत रहा है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध की आग ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर के आसमान को भी दहला दिया है। […]
भीलवाड़ा। खुशियां मनाने और सुनहरे सपनों को समेटने की चाहत लेकर भीलवाड़ा से सात समंदर पार दुबई गए परिवारों के लिए आज हर पल किसी डरावने साये जैसा बीत रहा है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध की आग ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर के आसमान को भी दहला दिया है। इस भू-राजनीतिक संघर्ष की तपिश अब भीलवाड़ा के वीर सावरकर चौक तक पहुंच चुकी है, जहां दिनेश सोमाणी का परिवार अपने जिगर के टुकड़ों की सलामती के लिए पल-पल दुआएं मांग रहा है।
होटल की बालकनी से मौत का मंजर
शहर के वीर सावरकर चौक निवासी दिनेश सोमाणी के पुत्र आदित्य सोमाणी, जो पेशे से इंजीनियर हैं, अपने परिवार के पांच अन्य सदस्यों (सुचिता सोमाणी, रौनक बाहेती, नवीन देवपुरा, साक्षी सोनी और आस्था पगारिया) के साथ 23 फरवरी को होली की छुट्टियां बिताने दुबई गए थे।
हर धमाके से बैठ रहा दिल
आदित्य ने दूरभाष पर जो दास्तां सुनाई, वह दिल को झकझोर देने वाली है। उन्होंने बताया, "हम बुर्ज खलीफा के पास एक होटल में ठहरे हैं। 2 मार्च को हमारी वापसी थी, लेकिन अचानक आसमान मिसाइलों और धमाकों से थर्रा उठा। होटल की बालकनी से हम देख पा रहे हैं कि कैसे आसमान में हवाई हमलों को डिफेंड किया जा रहा है। हर धमाके के साथ हमारा दिल बैठ जाता है। आंखों से नींद उड़ चुकी है, बस अब घर पहुंचने की तड़प है।
वतन वापसी की उम्मीदें हुई धुंधली
युद्ध की विभीषिका के चलते एयर ट्रैफिक पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारत आने वाली फ्लाइट्स लगातार निरस्त हो रही हैं। सोमाणी परिवार अब 7 मार्च की उम्मीद लगाए बैठा है, लेकिन युद्ध के अनिश्चित हालातों ने सबको होटल के कमरों में 'कैद' रहने पर मजबूर कर दिया है।
भीलवाड़ा में 'पूजा-पाठ' और नम आंखें
इधर, भीलवाड़ा के सोमाणी परिवार में सन्नाटा पसरा है। दिनेश सोमाणी और पूरा कुनबा टीवी स्क्रीन और मोबाइल फोन से नजरें नहीं हटा पा रहा है। घर में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। सबसे बुरा हाल आदित्य की दादी का है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का हर सदस्य भगवान की शरण में है, अखंड ज्योत और पूजा-पाठ का दौर जारी है ताकि उनके बच्चे सुरक्षित सरजमीं पर लौट सकें। दिनेश सोमाणी ने बताया कि बच्चों की सकुशल वापसी के लिए वह बुधवार को सांसद दामोदर अग्रवाल से भी मिले। उन्होंने इस संदर्भ में भारत सरकार की तरफ से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।