अहमदाबाद

सोला इलाके में ड्रेनेज लाइन टूटने से टंकी में पहुंचा दूषित पानी, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

स्थायी समिति की बैठक के बाद पटेल ने कहा कि पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या एजेंसी की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शहर के सोला इलाके में स्थित आकांक्षा सोसाइटी के साथ-साथ कुछ अन्य सोसाइटियों में करीब 1000 लोग उल्टी-दस्त का शिकार हुए थे।
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फाइल फोटो।

अहमदाबाद शहर के सोला रोड क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति से सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने की घटना के बाद अहमदाबाद महानगरपालिका ने प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा किया है। स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने गुरुवार को बताया कि एक ब्रेकडाउन के दौरान ड्रेनेज लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे दूषित पानी जलापूर्ति की टंकी तक पहुंच गया। इसी वजह से आकांक्षा सोसाइटी समेत आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग उल्टी-दस्त और पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ गए।

महानगरपालिका ने शहर में ऐसे 26 स्थानों की पहचान की गई है, जहां पेयजल और ड्रेनेज नेटवर्क को लेकर जोखिम की आशंका रहती है। इन हाईरिस्क क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और नियमित निरीक्षण के जरिए संभावित समस्याओं को समय रहते दूर करने का प्रयास किया जाएगा। शिकायतों के आधार पर इन स्थानों पर निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

स्वास्थ्य से जुड़ी लापरवाही बर्दाश्त नहीं : महापौर

महापौर हितेश बारोट ने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले से महानगरपालिका आयुक्त को अवगत करा दिया गया है और जिम्मेदारी तय करने के साथ-साथ सुधारात्मक कदमों पर भी चर्चा की गई है।

करीब 1000 से ज्यादा लोग हुए थे प्रभावित

गौरतलब है कि सोला रोड स्थित आकांक्षा सोसाइटी और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति के बाद करीब 1000 लोग उल्टी-दस्त का शिकार हुए थे। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार केवल आकांक्षा सोसाइटी में ही 500 से अधिक लोग प्रभावित हुए, जबकि आसपास की अन्य सोसाइटियों में भी लगभग इतनी ही संख्या में लोगों में बीमारी के लक्षण सामने आए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महापौर और महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके का दौरा करना पड़ा था। इस दौरान करीब 40 लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कर उपचार दिया गया था।

मानसून से पहले सड़क खुदाई कार्य निपटाने के निर्देश

स्थायी समिति की बैठक में आगामी मानसून की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। समिति अध्यक्ष ने बताया कि शहर में विभिन्न विकास कार्यों के लिए की गई सड़क खुदाई और खुले गड्ढों को सात दिन के भीतर भरने तथा कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल नए खुदाई कार्यों को मंजूरी नहीं दी जाएगी, ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

Updated on:
04 Jun 2026 10:38 pm
Published on:
04 Jun 2026 10:38 pm