छतरपुर

करणी सेना प्रमुख बोले, विधायक की चाकरी कर रही खाकी, 7 दिन में एफआइआर नहीं तो प्रशासन भुगतेगा अंजाम

करणी सेना ने सीधे तौर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को सत्ता की गुलामी करार देते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

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Apr 07, 2026
पीडि़त परिवार से मिलते करणी सेना प्रमुख

शहर के सरानी गांव के युवक सुरेंद्र सिंह की संदिग्ध मौत के मामले ने अब आंदोलन का रूप ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सोमवार को करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह के सरानी गांव पहुंचने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एक तरफ जहां पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कोतवाली टीआई अरविंद दांगी को लाइन अटैच कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर करणी सेना ने सीधे तौर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को सत्ता की गुलामी करार देते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

करणी सेना का अल्टीमेटम: 7 दिन का समय, वरना चक्काजाम

सोमवार को मृतक सुरेंद्र सिंह के घर पहुंचे करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह ने पीड़ित परिवार की व्यथा सुनी और उनकी बूढ़ी मां के आंसू देख प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने मौके से ही पुलिस अधिकारियों को फोन लगाकर अपनी नाराजगी जाहिर की। अनुराग प्रताप ने कहा, यह बेहद शर्मनाक है कि जब पीड़ित परिवार चीख-चीखकर विधायक पुत्र का नाम ले रहा है, तो पुलिस एफआइआर दर्ज करने के बजाय मामले को दबाने में लगी है। प्रशासन डराने-धमकाने का काम बंद करे। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 7 दिनों के भीतर हत्या का मामला दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो करणी सेना पूरे जिले में उग्र आंदोलन और चक्काजाम करेगी।

पुलिस की दोहरी नीति पर सवाल: सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक क्यों नहीं?


इस मामले में पुलिस की भूमिका शुरू से ही सवालों के घेरे में है। छतरपुर पुलिस छोटे-छोटे मामलों में सीसीटीवी फुटेज दिखाकर अपनी पीठ थपथपाती है, लेकिन जब सत्ताधारी विधायक के बेटे का नाम आता है, तो सबूतों को जांच के नाम पर छिपाया क्यों जा रहा है? विधायक आवास और कोतवाली थाने के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाएं, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।


कोतवाली टीआई दांगी लाइन अटैच, एएसपी को सौंपी जांच


बढ़ते जनाक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अगम जैन ने कोतवाली टीआई अरविंद दांगी को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। हालांकि, इसे केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया माना जा रहा है, जबकि प्रदर्शनकारियों की मांग दोषियों पर सीधी कार्रवाई की है। पूरे मामले की जांच अब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले को सौंपी गई है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू की है, जबकि परिवार इसे सुनियोजित हत्या बता रहा है।

विधायक को सलाह: सच्चे जन प्रतिनिधि बनें

करणी सेना प्रमुख ने विधायक ललिता यादव को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि यदि वे खुद को जनता का प्रतिनिधि मानती हैं, तो उन्हें राजनीति छोड़कर अपने बेटे के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि करणी सेना किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ है और जब तक सुरेंद्र को न्याय नहीं मिलता, यह संघर्ष थमेगा नहीं।

Published on:
07 Apr 2026 10:37 am
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