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MP News: मध्यप्रदेश के छतरपुर से भाजपा विधायक ललिता यादव के बेटे मोनू यादव पर हत्या की सोची समझी साजिश रचने के गंभीर आरोप लगे हैं। 45 वर्षीय युवक की मौत पुलिस कस्टडी में होने के बाद मृतक के परिजनों ने ये आरोप लगाए हैं। मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए मजिस्ट्रेट जांच की मांग की है। एक तरफ जहां परिजन आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस अलग कहानी बता रही है। पुलिस का कहना है कि युवक गुंडा परेड में जहर खाकर आया था।
सरानी गांव के रहने वाले 45 वर्षीय युवक सुरेन्द्र सिंह की शनिवार रात इलाज के लिए ग्वालियर ले जाते वक्त रास्ते में हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने शहर में उबाल पैदा कर दिया है। मृतक की मां भानकुंवर और पत्नी ज्योति ने आरोप लगाया है कि सरपंच बृजगोपाल शिवहरे ने सुरेंद्र को फोन कर विधायक के घर बुलाया था। वहां गांव के ही रियाज खान ने पहले सुरेन्द्र को शराब पिलाई और फिर सुरेन्द्र को कोतवाली थाने ले जाया गया। वहां से पुलिस सुरेन्द्र को विधायक ललिता यादव के बेटे मोनू यादव के घर ले गई। पत्नी ज्योति के मुताबिक दोपहर 3 बजे सुरेन्द्र के विधायक के घर में होने की पुष्टि रियाज खान ने की है। मृतक की माँ का कहना है कि एक महीने पहले मोनू यादव के साथ सुरेंद्र का विवाद हुआ था, जिसे इस वारदात की मुख्य वजह माना जा रहा है।
मृतक सुरेन्द्र के परिजनों का दावा है कि सुरेन्द्र के शरीर पर चोट के निशान हैं जिन्हें देखकर लगता है कि उसके साथ मारपीट की गई है। बाएं हाथ में चोट के कारण गांठ जैसा निशान भी उभरा है, जो शारीरिक प्रताड़ना की ओर इशारा कर रहा है। मृतक के साले शिवम सेंगर का आरोप है कि पहले सुरेंद्र को विधायक के घर ले जाया गया, बाद में उसे कोतवाली थाना वापस लाया गया। थाने में तबीयत बिगड़ी तो जिला अस्पताल ले गए और डॉक्टरों ने ग्वालियर रेफर कर दिया लेकिन ग्वालियर पहुंचते इससे पहले ही रास्ते में सुरेन्द्र की मौत हो गई। साले शिवम ने पुलिस की जहर वाली कहानी को सिरे से नकारा है और आरोप लगाया है कि पुलिस हत्या को छिपाने का काम कर रही है।
परिजन का ये भी कहना है कि जब पुलिस सुरेन्द्र को विधायक के घर ले गई और थाने लाई जहां उसकी तबीयत बिगड़ी तो ये पुलिस हिरासत का मामला बनता है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिजनों ने एसपी को आवेदन सौंपकर मजिस्ट्रेट की निगरानी में निष्पण जांच की मांग की है। साथ ही परिजनों ने विधायक पुत्र मोनू यादव, कोतवाली टीआई अरविंद दांगी, सरपंच बृजगोपाल और रियाज खान की फोन कॉल डिटेल तत्काल निकालवाने और विधायक आवास व कोतवाली थाने के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर उनकी जांच करवाने की भी मांग की है।
वहीं इस पूरे मामले में नगर पुलिस अधीक्षक अरुण सोनी का कहना है कि सुरेंद्र गुंडा लिस्ट में आता था। सुरेन्द्र सिंह पर 16 अपराध भी दर्ज हैं, उसे गुंडों की समझाइश परेड के लिए बुलाया गया था। सुरेन्द्र नशे की हालत में कोई जहरीला पदार्थ खाकर परेड में आया था और पुलिस थाने में उसकी तबीयत बिगड़ी जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया और वहां से ग्वालियर रेफर होने पर रास्ते में उसकी मौत हो गई। सुरेन्द्र के परिजनों ने पुलिस की इस कहानी को न मानते हुए आरोप लगाया है कि अब पुलिस कस्टडी में हुई घटना को कस्टडी से बाहर का होने का बताकर पल्ला झाड़ रही है। फिलहाल इस मामले में विधायक ललिता यादव या उनके पुत्र मोनू यादव का कोई बयान सामने नहीं आया है।
Published on:
05 Apr 2026 06:20 pm
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