महाकुंभ में जाने वाली ट्रेनों में मारामारी, स्लीपर की हालत जनरल कोच जैसी
बीना. शाही स्नान के पहले प्रयागराज जाने के लिए स्टेशन से प्रयागराज, कानपुर की ओर जाने वाली टे्रनों में मारामारी रही। हाल यह था कि डॉ. आंबेडकर-प्रयागराज एक्सप्रेस को स्टेशन से चलने में 21 मिनट लग गए, जबकि स्टेशन पर इसका स्टॉपेज दस मिनट का है। यात्रियों के ट्रेन में नहीं चढ़ पाने के कारण लोगों ने बार-बार चैन पुलिंग की। इसके बाद भी लोग ट्रेन में सवार नहीं हो सके।
दरअसल 13 जनवरी को महाकुंभ का पहला शाही स्नान है, इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग रविवार की शाम रेलवे स्टेशन पहुंचे। शाम 7 बजकर 2 मिनट पर जैसे ही ट्रेन चार नंबर प्लेटफॉर्म पर आकर खड़ी हुई, तो स्टेशन पर पहुंचा हर एक यात्री ट्रेन में सवार होने की जद्दोजहद करने लगा। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई यात्री तो टे्रन से नीचे ही नहीं उतर सके। स्टेशन पर डॉ. आंबेडकरनगर-प्रयागराज एक्सप्रेस का दस मिनट का स्टॉपेज है, लेकिन टे्रन के 7 बजकर 2 मिनट पर पहुंचने के बाद जैसे ही टे्रन आगे बढऩे लगी तो लोगों ने कई बार चैन पुलिंग करके ट्रेन को रोका, जिससे ट्रेन आगे नहीं बढ़ा सकी। ट्रेन 21 मिनट बाद शाम 7 बजकर 23 मिनट पर ललितपुर की ओर रवाना हुई। इस दौरान कई यात्री जो ट्रेन में सवार नहीं हो सके उन्हें निराश ही वापस लौटना पड़ा।
आरपीएफ व्यवस्था बनाने में रही फेल
महाकुंभ में शामिल होने के लिए लोग किसी न किसी तरह पहुंचना चाह रहे हैं। इसलिए बीना से कई लोग पहले झांसी तक जा रहे हैं। वहीं, सीधी ट्रेन से वह लोग प्रयागराज भी जा रहे हैं। इस दौरान स्टेशन पर कई बार व्यवस्थाएं भी बिगड़ती हैं, जिन्हें संभालने का जिम्मा आरपीएफ का रहता है। स्टेशन पर आरपीएफ की ढिलाई के कारण पहले ही दिन प्रयागराज एक्सप्रेस में अव्यवस्थाएं देखने के लिए मिलीं, इससे साफ होता है कि आने वाले दिनों में स्थिति और ज्यादा बिगड़ेगी तो क्या इसी तरह की व्यवस्था आरपीएफ की ओर से रहेगी।