पर्यटकों के भ्रमण के दौरान पैरों को जलन से बचाने मंदिरों की तपती सीढिय़ों तथा चबूतरों पर जूट की मेट बिछा दी है। क्योंकि ग्रेनाइट के पत्थर गर्मी में ज्यादा गर्म हो जाते हैं। इसलिए पर्यटकों की सुविधा के लिए मंदिर में जूट के मैट बिछाए गए हैं।
छतरपुर. भारतीय पुरातत्व विभाग ने खजुराहो के पश्चिमी मंदिर समूह में पर्यटकों के भ्रमण के दौरान पैरों को जलन से बचाने मंदिरों की तपती सीढिय़ों तथा चबूतरों पर जूट की मेट बिछा दी है। क्योंकि ग्रेनाइट के पत्थर गर्मी में ज्यादा गर्म हो जाते हैं। इसलिए पर्यटकों की सुविधा के लिए मंदिर में जूट के मैट बिछाए गए हैं। वहीं, तालाब का फाउंटेन भी शुरु किया गया है। ताकि आसपास ठंडक बनी रहे। पर्यटकों की सुविधा के लिए ई-रिक्शा भी चलाए जा रहे हैं। पक्षियों के लिए मंदिर कैंपस के पेड़ों पर सकोरे टांगे गए हैँ। ये सुविधा सभी पुरातत्व की धरोहरों में की गई है।
दरअसल इन मंदिरों के गर्भ ग्रह में हिंदू देवी देवताओं के स्वरूप स्थापित है। जिसके करण अधिकांश पर्यटक श्रद्धा भाव रखते हैं और वह नंगे पांव ही इन मंदिरों का भ्रमण करते हैं। साथ ही विभाग के जूते चप्पल उतार कर चलने के निर्देश के पालन के लिए गर्म पत्थरों की जलन से पैरों को बचाने के लिए विभाग द्वारा जूट की मेट बिछाई गई है। खजुराहो के मंदिर अपनी हजार साल पुरानी स्थापत्य कला की वजह से पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र हैं और उन्हें यूनेस्को ने विश्व धरोहर में स्थान दिया है। इतिहास में यहां 85 मंदिरों के मौजूद होने के प्रमाण हैं।
मिस्र से भारत घूमने आए फर्नांडो तथा उनकी फ्रेंड मारियो ने बताया कि खजुराहो की शिल्पकला बहुत सुंदर है। ये मंदिर सभी को प्रभावित करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर दोपहर का मौसम बहुत गर्म है। हमें पता नहीं था कि इतनी तपन पड़ रही है। देसी पर्यटक सुभाष मिश्र का कहना है कि तपन के कारण सुबह-शाम ही घूम रहे हैं। दिन में होटल में कैद होना पड़ रहा है। वहीं, मौसम विभाग खजुराहो के प्रभारी आरएस परिहार के अनुसार तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी जारी रहेगी।
मध्यप्रदेश का खजुराहो न सिर्फ देश के बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशनों में से एक है। यहां के हजारों साल से भी ज्यादा पुराने मंदिरों की शानदार नक्काशी और कारीगरी देशी विदेशी पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। नवविवाहित जोड़ो के लिए तो यह पसंदीदा हनीमून डेस्टिनेशन है। यहां की हसीन वादियों में ऐसी कई अद्भुत और मनमोहक जगहें मौजूद हैं, जहां गर्मी की छुट्टियां बिताने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।
खजुराहो आने वाले पर्यटक पन्ना टाइगर रिजर्व की ओर भी रूख कर रहे हैं। घना जंगल होने से ठंडा वातावरण मिल जाता है। गर्मी में कुछ झाडिय़ा सूख जाती है जिससे एनिमल्स दिख जाते हैं। पर्यटन विभाग ने यहां विशेष इंतजाम कर रखे हैं। छुट्टियों में लोग हेरिटेज को भी पसंद कर रहे हैं। ओरछा, खजुराहो, बुंदेला महल, मांडू, महेश्वर, ग्वालियर किला जैसी ऐतिहासिक जगहों की बुकिंग व एन्क्वायरी की जा रही है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए सभी स्मारकों के चबूतरे व सीढिय़ों पर जूट के मेट बिछाए गए हैं। ई-रिक्शा की सुविधा भी है। तालाब का पानी साफ रहे इसके लिए फांउटेन शुरु किया गया है। पक्षियों के लिए सकोरे टांगे गए हैं।
डॉ. शिवाकांत वाजपेयी, अधीक्षण पुरातत्ववेत्ता