प्रशासन के दावे खोखले, मुख्यालय के जल स्रोत ही नहीं हो पा रहे साफशहडोल. जिले में बड़े तामझाम के साथ 19 मार्च से शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान धरातल पर उतरने से पहले ही सोशल मीडिया की तस्वीरों और सरकारी फाइलों में दम तोड़ता नजर आ रहा है। प्रशासन का दावा है कि 30 […]
प्रशासन के दावे खोखले, मुख्यालय के जल स्रोत ही नहीं हो पा रहे साफ
शहडोल. जिले में बड़े तामझाम के साथ 19 मार्च से शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान धरातल पर उतरने से पहले ही सोशल मीडिया की तस्वीरों और सरकारी फाइलों में दम तोड़ता नजर आ रहा है। प्रशासन का दावा है कि 30 जून तक चलने वाले इस अभियान से जिले में जल संरक्षण की नई लहर आएगी, लेकिन अभियान के दो सप्ताह से अधिक बीत जाने के बाद भी जमीनी हकीकत इसके उलट है। जिला मुख्यालय के मुख्य जलस्रोत आज भी गंदगी से बजबजा रहे हैं, जो प्रशासन के खोखले दावों की पोल खोल रहे हैं।
अभियान की विडंबना देखिए कि पांडवनगर स्थित जनप्रतिनिधियों के आवास के समीप बने तीन तालाब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। घर का कचरा सीधे इन जलस्रोतों में समा रहा है। जिस पानी को सहेजने का संकल्प लिया गया था, वह आज कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है। जब शहर के सबसे रसूखदार इलाकों में यह हाल है, तो दूरदराज के ग्रामीण अंचलों में कागजी सफाई का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
प्रशासन हर दिन ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई के भारी-भरकम आंकड़े पेश कर रहा है, लेकिन मुख्यालय की स्थिति इन आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगाती है। यदि समय रहते इन जलस्रोतों का वास्तविक जीर्णोद्धार और गहरीकरण नहीं किया गया, तो आने वाला ग्रीष्मकाल जिले के लिए भीषण जल संकट लेकर आएगा। केवल फोटो खिंचवाने से जल क्रांति नहीं आएगी, इसके लिए ठोस इच्छाशक्ति और धरातल पर काम की आवश्यकता है।
शनिवार को की गई पड़ताल में सामने आया कि सफाई के नाम पर सिर्फ छलावा किया गया है। जल की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लेने वाला प्रशासन महज औपचारिकता निभा रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं, जबकि जलस्रोत नारकीय स्थिति में हैं।
मोहनराम तालाब: कुछ दिन पूर्व यहां सफाई का दावा किया गया था, लेकिन आज घाटों पर कचरे का अंबार लगा है। नगरीय प्रशासन की गंभीरता का आलम यह है कि सफाई के तुरंत बाद फिर से गंदगी पसरी हुई है।
लल्लू सिंह तिराहा तालाब: यहां भी हाल ही में अभियान चलाया गया था, लेकिन वर्तमान में यह तालाब चारों तरफ से गंदगी से घिरा हुआ है। काफी समय से इस तालाब की सफाई की मांग की जा रही है।
तालाब के चारों ओर गंदगी- पांडव नगर पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने जिस तालाब में अंतिम संस्कार के बाद जो कार्यक्रम किए जाते हैं, वहां अब गंदगी का अंबार है। चारो तरफ बड़ी-बड़ी झाडिय़ां उगी हुई है।
आधा अधूरा सौंदर्यीकरण-विधायक निवास के ठीक पीछे तालाब में गंदगी का अंबार है, इस तालाब का सौदर्यीकरण के तहत तालाबाके चारो तरफ पिचिंग किया जा रहा था जो अभी आधा अधूरा पड़ा है।
घर का कचरा तालाब में-एएसपी बंगला के बगल स्थित तालाब को नपा ने लाखों रुपए कर्च कर सौदर्यीकरण कराया था, यहां घरों से निकलने वाला कचरा पटा हुआ है, तालाब पूरी तरह जलीय पौधे की चपेट में है।
इनका कहना
अभियान के तहत मोहनराम तालाब, लल्लू ङ्क्षसह तिराह स्थित तालाब व घरौला तालाब की सफाई की गई है। तालाब के आसपास फैले कचरे की सफाई की गई थी, जबकि तालाब के अंदर की सफाई के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
अनिल महोबिया, स्वच्छता प्रभारी, नगरपालिका