6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आंधी-बारिश और ओलों की मार, सिस्टम की सुस्ती से भीगा हजारों क्विंटल गेहूं

जिले में गेहूं खरीदी के लिए 30 केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन परिवहनकर्ताओं की मनमानी और सुस्ती इस बर्बादी का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। परिवहनकर्ता केवल मुयालय के नजदीकी केंद्रों से उठाव कर रहे हैं। दूर-दराज के केंद्रों सुखाड़ समान, चचाई की सुध लेने वाला कोई नहीं है। समितियों के पास भंडारण की जगह नहीं है, जिससे अन्न खुले आसमान के नीचे भीगने को मजबूर है।

2 min read
Google source verification

परिवहन में लापरवाही: समितियों में खुले आसमान के नीचे बर्बाद हो रहा गेहूं और धान, अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें

शहडोल। जिले में पिछले पांच दिन से मौसम के बदले मिजाज ने सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार को दोपहर बाद अचानक आए चक्रवाती तूफान और भारी ओलावृष्टि ने जहां एक ओर तापमान में 5.6 डिग्री की गिरावट लाकर गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर सरकारी उपार्जन व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। सिंहपुर और ब्यौहारी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि और बारिश से खुले में रखा हजारों क्विंटल गेहूं और धान भीग गया है।

दूरदराज के केंद्र राम भरोसे:
जिले में गेहूं खरीदी के लिए 30 केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन परिवहनकर्ताओं की मनमानी और सुस्ती इस बर्बादी का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। परिवहनकर्ता केवल मुयालय के नजदीकी केंद्रों से उठाव कर रहे हैं। दूर-दराज के केंद्रों सुखाड़ समान, चचाई की सुध लेने वाला कोई नहीं है। समितियों के पास भंडारण की जगह नहीं है, जिससे अन्न खुले आसमान के नीचे भीगने को मजबूर है।

ओलों से सब्जियों की फसल तबाह :
मंगलवार दोपहर 2 बजे के बाद मौसम ने रौद्र रूप दिखाया। सिंहपुर क्षेत्र में जमकर ओले गिरे, जिससे न केवल सामतपुर उपार्जन केंद्र में रखा गेहूं भीगा, बल्कि खेतों में लगी टमाटर, मिर्च और अन्य सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। किसानों को भारी आर्थिक क्षति की आशंका है।

खतरे में 50 हजार क्विंटल धान :
सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि मीलिंग के लिए रखा 50 हजार क्विंटल धान भी सामतपुर ओपन केप में असुरक्षित है। यदि अगले 48 घंटों में बारिश का दौर जारी रहा, तो यह भारी मात्रा में स्टॉक सड़ सकता है।

अभी टला नहीं है खतरा:
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। यदि प्रशासन ने तत्काल परिवहन और केप कवरिंग की व्यवस्था नहीं की, तो सरकारी खजाने और किसान की मेहनत दोनों को बड़ी चपत लगनी तय है।

केंद्रों पर उठाव की स्थिति (क्विंटल में):
उपार्जन केंद्र कुल शेष मात्रा अब तक परिवहन स्थिति
1 सुखाड़ समान 6333 3500 भारी बारिश से भीगा
2 चचाई 2936 1875 खुले में रखा स्टॉक प्रभावित
3 सामतपुर 212 1800 ओलावृष्टि की मार

जिले में कहां कितनी हुई वर्षा:
गोहपारू: 30 मिमी.
ब्यौहारी/जयसिंहनगर: 15 मिमी.
जैतपुर: 8 मिमी.
सोहागपुर: 3 मिमी.

पारे में आई गिरावट:
सोमवार: 38.4डिग्री
मंगलवार: 32.8डिग्री (गिरावट 5.6डिग्री)


मुय बिंदु:
प्रभावित क्षेत्र: ब्यौहारी, सामतपुर, चचाई और सिंहपुर।

बर्बादी: हजारों क्विंटल गेहूं और तैयार सब्जियां।

प्रशासनिक चूक: परिवहन की धीमी गति और भंडारण सुरक्षा का अभाव।