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MP में SDM ऑफिस का क्लर्क 15,000 रिश्वत लेते पकड़ाया, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

mp news: रीवा लोकायुक्त इकाई ने शहडोल के ब्यौहारी के एसडीएम कार्यालय में की बड़ी कार्रवाई। रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाया क्लर्क।

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शहडोल

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Akash Dewani

May 06, 2026

Lokayukta Action SDM office clerk caught taking bribe of 15000 rupees mp news

SDM office clerk caught taking bribe of 15000 (फोटो-Patrika.com)

Lokayukta Action: एमपी में लगातार भ्रष्ट अधिकारीयों और कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त की टीम तेजी से कार्रवाई कर रही है। आए दिन राज्य के विभिन्न जिलों एवं क्षेत्रों से रिश्वत लेते अधिकारी-कर्मचारीयों को रंगे हाथ पकड़े जाने के मामले सामने आ रहे है लेकिन बावजूद इसके घूसखोरी पर लगाम लगती दिख नहीं रही है। ताजा मामला मध्यप्रदेश के शहडोल जिले का है जहां एसडीएम कार्यालय में कार्यरत क्लर्क को रीवा लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। (mp news)

20 हजार रूपए मांगी रिश्वत

बता दें कि, लोकायुक्त की रीवा इकाई ने शहडोल जिले के ब्यौहारी स्थित एसडीएम कार्यालय में क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ब्यौहारी तहसील के निपानिया गांव के रहने वाले सुरेश कुमार जायसवाल ने लोकायुक्त को शिकायत की थी। शिकायत में सुरेश ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम खरीदी गई भूमि से संबंधित आदेश की प्रति देने के एवज में एसडीएम कार्यालय के क्लर्क वीर सिंह जाटव (40) उनसे 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग कर रहे थे।

क्लर्क को पकड़ने के लिए बिछाया ट्रैप

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम एक्टिव हुई। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त रीवा की टीम ने 6 मई को ट्रैप बिछाने की कार्रवाई की योजना बनाई। योजना के तहत फरियादी सुरेश मांगी गई रिश्वत की राशि लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचा। कार्यालय में वह क्लर्क वीर सिंह जाटव से मिला। कुछ देर बाद मौके पर लोकायुक्त की टीम पहुंची। क्लर्क ने जैसे की रिश्वत लेने की कोशिश की वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने उसे 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय ब्यौहारी में की गई।

आरोपी पर इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई

आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7(क) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक एसराम मरावी ने किया, जबकि उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार सहित 12 सदस्यीय टीम और स्वतंत्र शासकीय गवाह मौजूद रहे।

जारी रहेगा अभियान

लोकायुक्त की रीवा इकाई ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त कार्यालय को दें।

10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ी गई थी इंजीनियर

बता दें कि, शहडोल में रिश्वतखोरी का यह पहला मामला नहीं है। करीब एक महीने पहले अप्रैल महीने में सुधा वर्मा, उम्र 35 वर्ष, पद उपयंत्री (सब इंजीनियर), नगर परिषद खंड बाणसागर, जिला शहडोल ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुई थी। आरोपी ने अंतिम देयक तैयार किए जाने के मूल्यांकन के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। (mp news)