- स्वच्छता एक्शन प्लान: हर केंद्र को मिलेंगे 17 हजार रुपए - छत पर टंकियां और आरओ के साथ अब नलों से पहुंचेगा पानी -भीलवाड़ा के 642 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए मिले 109.14 लाख
प्रदेश के ग्रामीण और शहरी इलाकों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत अब बदलने वाली है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश के 9519 आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल और शौचालय की सुविधा विकसित करने के लिए 16 करोड़ 18 लाख 23 हजार रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की है। इस राशि से केंद्रों पर पानी की टंकी, पाइपलाइन और आरओ जैसी सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। भीलवाड़ा जिले की 642 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 109.14 लाख रुपए जारी किए हैं।
निदेशालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार यह कार्य आगामी 31 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। प्रत्येक चिन्हित आंगनबाड़ी केंद्र के लिए 17 हजार रुपए की दर से राशि आवंटित की गई है। इस बजट का उपयोग मुख्य रूप से उन केंद्रों में किया जाएगा जो विभागीय भवनों में चल रहे हैं और जहां वर्तमान में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है।
इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 60:40 के अनुपात में है। कुल 1618.23 लाख रुपए के बजट में से केंद्र का अंश 970.94 लाख और राज्य का अंश 647.29 लाख रुपए हैं। भ्रष्टाचार और गुणवत्ता की शिकायतों को रोकने के लिए विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि भुगतान केवल तीन सदस्यीय तकनीकी कमेटी के भौतिक सत्यापन के बाद ही किया जाए।
योजना के लिए अलग से बैंक खाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और 'पे-मैनेजर' पर मैपिंग की गई है। काम की निगरानी सीधे निदेशालय स्तर से होगी और खर्च का उपयोगिता प्रमाण-पत्र समय पर जमा कराना अनिवार्य होगा।