- पूर्व में हुई फायरिंग में पुलिस द्वारा एफआईआर नहीं करने से बदमाशों के हौंसले बुलंद - पीडि़त ने कहा- टी आई के रिश्तेदार हैं आरोपी इसलिए नहीं लिखा एफआइआर में नाम, पार्षद पुत्र को किया नामजद
मुरैना. शहर में लगातार फायरिंग की वारदात हो रही हैं लेकिन पुलिस एफआइआर दर्ज नहीं करती इसलिए बदमाशों के हौसलें बुलंद हैं। बीती रात को तुलसी कॉलोनी में नामजद आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। पुलिस ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हुए पीडि़त युवकों को पकडकऱ थाने में बंद कर रात भर मारपीट की।
जानकारी के अनुसार अनुराग सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह सिकरवार निवासी लक्ष्मण तलैया तुलसी कॉलोनी से आयुष सिकरवार पर 60 हजार रुपए उधार लिए थे। पैसे मांगने के ऊपर रविवार को विवाद हो गया और रात दस बजे अनुराग सिंह सिकरवार के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। जिसके दीवार पर कई गोली लगने के निशान हैं और घर के बाहर पिस्टल व कट्टा के चले हुए कारतूस भी मिले हैं। फायरिंग की सूचना मिलते ही रात को सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पीडि़त अनुराग और उसके भाई अभिजीत सिंह को पकडकऱ कोतवाली ले गई। रास्ते में मारपीट की, उसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं पीडि़त पक्ष को रात भर कोतवाली थाने में रखा। पीडि़त अनुराग सिंह ने कहा कि आयुष सिकरवार टी आई के रिश्तेदार का लडक़ा इसलिए उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं की बल्कि अमित पुत्र मंडले हर्षाना के खिलाफ पुलिस ने अपने हिसाब से एफआइआर दर्ज कर ली है। पीडि़त अनुराग सिकरवार ने बताया है कि जिसको हम जानते भी नहीं और उससे कोई विवाद भी नहीं हुआ, उसको फरियादी बनाकर पुलिस ने हमारे खिलाफ भी क्रॉस कायमी कर ली है। थाना प्रभारी आलोक परिहार को दो बार मोबाइल पर संपर्क किया, रिसीव नहीं किया।
इन मामलों में नहीं हुई एफआइआर