
बिलपांक के प्राचीन बिल्केश्वर विरुपाक्ष महादेव मंदिर में 83वें महारुद्र यज्ञ विधि विधान प्रारंभ
रतलाम. प्राचीन शिल्पकला का अद्भुत आस्था के केंद्र विरुपाक्ष महादेव बिल्केश्वर मंदिर प्राचीन वैदिक पद्धतिनुसार विधि विधान मंत्रोच्चार अग्निदेव का आव्हान कर अग्नि प्रज्जवलित कर हवन कुंड में प्रवेश करवाई गई।
मंदिर प्रांगण में बुधवार से 83वें महारुद्र यज्ञ की शुरुआत हुई। सुबह हेमाद्रि स्नान के बाद दोपहर 11.30 बजे मंत्रोच्चार के साथ अग्नि स्थापना की गई। यहां हवन कुंड के अग्नि से तपकर तैयार होने वाली खीर प्रसादी को महाशिवरात्रि के दो दिन बाद 17 फरवरी को हजारों की संख्या में पहुंचने वाली महिला श्रद्धालुओं को वितरित की जाएगी।
निसंतान महिलाओं को मिलेगी खीर प्रसादी
सात दिवसीय महाशिवरात्रि मेले की औपचारिक शुरुआत हो गई है। क्षेत्र में इस मंदिर की मान्यता है कि यहां के यज्ञ की खीर प्रसादी से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर समिति के अनुसार, विशेष रूप से निसंतान महिलाओं को खीर प्रसादी का वितरण 17 फरवरी को यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद किया जाएगा।
अंतिम दिन निकलेगी गंगाजल यात्रा
सुबह 11.30 से 1.30 बजे तक पूर्णाहुति होगी, जिसके बाद गंगाजल वितरण और प्रसादी का आयोजन होगा। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान महादेव की शाही सवारी निकाली जाएगी। यज्ञाचार्य पं. दुर्गाशंकर ओझा के सान्निध्य में महायज्ञ किया जा रहा है। मेला समिति और सकल पंच ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।
साफा सम्मान रैली 14 को
महाशिवरात्रि के अन्तर्गत सम्मान साफा रैली का आयोजन 14 फरवरी को जवाहर व्यायामशाला की ओर से किया जाएगा। रैली की शुरुआत सैलाना बस स्टैंड जवाहर व्यायामशाला से होगी।
Updated on:
11 Feb 2026 10:15 pm
Published on:
11 Feb 2026 10:12 pm
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
