कस्बे में ट्रोमा सेंटर का भवन बनकर तैयार हो गया है। लेकिन अब ट्रोमा सेंटर के उद्घाटन का इंतजार है। ट्रोमा सेंटर का उद्घाटन होने पर क्षेत्र के लोगों को इसकी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। इस दौरान खाटू मेला भी शुरू हो रखा है। ऐसे में ट्रोमा सेंटर बहुत जरूरी हो गया है।
पलसाना. कस्बे में ट्रोमा सेंटर का भवन बनकर तैयार हो गया है। लेकिन अब ट्रोमा सेंटर के उद्घाटन का इंतजार है। ट्रोमा सेंटर का उद्घाटन होने पर क्षेत्र के लोगों को इसकी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। इस दौरान खाटू मेला भी शुरू हो रखा है। ऐसे में ट्रॉमा सेंटर बहुत जरूरी हो गया है। कस्बे के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रोमा सेंटर की घोषणा कांग्रेस सरकार ने की थी। भवन के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपए का बजट भी मंजूर हो गया था, हालांकि विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से कुछ दिन पहले ही ट्रॉमा सेंटर के भवन की आधारशिला रखी दी गई थी और ठेकेदार ने निर्माण शुरू कर दिया था। अब भवन निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है और ठेकेदार ने भवन अस्पताल को सुपुर्द भी कर दिया है। ऐसे में अब ट्रॉमा सेंटर के उद्घाटन का इंतजार है।
ट्रोमा सेंटर का भवन तैयार है लेकिन अभी तक उपकरण और संसाधन अस्पताल को नहीं मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि ट्रोमा सेंटर सेंटर के उपकरणों और संसाधनों के लिए मांग कर रखी है। ट्रोमा सेंटर शुरू होने से सबसे ज्यादा राहत सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों को मिलेगी। पलसाना राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के साथ ही कस्बे से होकर कई सड़क मार्ग निकलते हैं। ऐसे में आए दिन यहां पर सड़क हादसे होते रहते हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सीकर या जयपुर ही रेफर करना पड़ता है।
ट्रोमा सेंटर शुरू करने को लेकर सरकार स्तर पर भी कवायद शुरू हो चुकी है। पिछले दिनों चिकित्सा विभाग में हुए तब बादलों के दौरान सेंटर में तीन चिकित्सकों और आठ नर्सिंग कर्मियों की नियुक्ति की गई है। हालांकि इसमें से एक चिकित्सक ने अपने स्थानांतरण पर स्थगन आदेश ले लिया था। बाकी सभी ने पदभार ग्रहण कर लिया है और पलसाना अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं।
ट्रोमा सेंटर का भवन अस्पताल को सुपुर्द हो चुका है। संसाधनों और उपकरणों के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा है, जल्द ही मिल जाएंगे। ट्रॉमा सेंटर के लिए नर्सिंग कर्मी और चिकित्सक भी लगाए गए हैं।
डॉ राकेश कुमार जांगिड़, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी पलसाना