- साइबर ठगी के गिरोह ने अनूपगढ़ के बांडा गांव में फ्री सिम बांटने का लगाया था कैम्प, पुलिस जांच में आया सामने आरेापी सुरजीत सिंह कॉलोनी का निकला युवक
श्रीगंगानगर. साइबर पुलिस ने अनूपगढ़ क्षेत्र के लोगों के नाम से मोबाइल सिम जारी कर साइबर ठगों को बारह सिम बेचने के मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ़तार किया है। इन बारह सिम को दिल्ली से कंबोडिया मे साइबर फ्रॉड की गैंग तक पहुंच दी गई। इसके बाद कम्बोडिया से देश के विभिन्न लोगों को डिजिटल अरेस्ट या अन्य तरीकों से साइबर ठगी की वारदातें हुई। देशभर की साइबर पुलिस ने जब ठगी के मामले की जांच की तब सिम अनूपगढ़ एरिया के लोगों के नाम से खरीद होना पाई गई। इस मामले में फरार चल रहे आरोपी सुरजीत सिंह कॉलोनी निवासी आकाशदीप रामदासिया को गिरफ़तार कर अदालत में पेश किया, वहां से दो दिन का रिमांड हासिल किया है। इस प्रकरण की जांच कर रहे साइबर थाने के सीआई सतवीर मीणा ने बताया कि इस आरोपी ने पूर्व में पकड़े गए दो आरोपियों के साथ अनूपगढ़ के बांडा गांव में कैम्प लगाकर लोगों की आईडी से अलग मोबाइल कंपनियों के सिम हासिल किए।
मोबाइल कंपनी ने कराई थी एफआइआर
पिछले साल 26 अगस्त 25 को एयरटेल की भारती हेक्साकॉम लिमिटेड के नोडल ऑफिसर ने मामला दर्ज कराया कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बारह सिम कार्ड जारी किए गए। ये सभी सिम कार्ड श्रीगंगानगर के पास गांव ओड़की में िस्थत एयरटेल के प्वाइंट ऑफ सेल विकास टेलीकॉम से जारी किए गए। इन बारह सिम को उपयोग विदेश में बैठे साइबर ठग भारतीय नागरिकों के साथ डिजिटल अरेस्ट और अन्य प्रकार की ऑनलाइन ठगी में कर रहे है। विकास टेलीकॉम ने अपने अधीन कई युवकों को एजेंट बनाकर सिम बेचने के लिए लगाया था। इस संबंध में पुलिस ने 29 सितम्बर 25 को अनूपगढ़ के वार्ड 13 प्रेमनगर निवासी नवदीश मान रामदासिया और अनूपगढ़ वार्ड पांच निवासी वीरेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया था।
इसलिए लगाया था यह कैम्प
जांच के दौरान तीन युवकों के नाम सामने आए है। इन युवकों ने ओड़की गांव की अनूपगढ की बांडा कॉलोनी में गुरुद्वारे से मुनियादी कराई कि गुरुद्वारे के बाहर मोबाइल सिम का फ्री कैम्प लगाया जा रहा है। तब वहां आसपास के लोग पहुंच गए। इन आरोपियों ने लोगों की फोटो डबल डबल खींचकर अपने लैपटॉप में डाली। जब लोगों ने डबल फोटो के बारे में पूछा तो खराब फोटो की वजह से दुबारा फोटो करने का बहाना बनाया। लोगों को वॉडाफोन की सिम जारी कर दी लेकिन अनुचित तरीके से लोगों के आधार कार्ड और फोटो के आधार पर एयरटेल की बारह सिम कार्ड भी जारी कर तीसरे आरोपी को बेच डाली। इस मामले का मास्टर माइंड अभी फरार है। इस मास्टर माइंड ने इन सिम को देश के बाहर कंबोडिया भिजवा दिया गया।