विधानसभा में वित्‍त मंत्री Rajesh Agrawal ने पेश किया UP Supplementary Budget 2019-20 Ganga Expressway की डीपीआर के लिए जारी किए गए 15 करोड़ रुपये पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश को प्रयागराज से जोड़ेगा Ganga Expressway
नोएडा। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ( Rajesh Agrawal ) ने मंगलवार को विधानसभा में अनुपूरक बजट ( Supplementary Budget 2019-20) पेश किया। इसमें दुनिया के सबसे लंबे एक्सप्रेस का भी ध्यान रखा गया। अनुपूरक बजट ( Supplementary Budget 2019-20) में गंगा एक्सप्रेस-वे ( Ganga Expressway ) की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए 15 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
कुंभ मेले में मिली थी सैद्धांतिक मंजूरी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया था कि गंगा एक्सप्रेस-वे ( Ganga Expressway ) दुनिया का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होगा। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश को प्रयागराज से जोड़ेगा। इसी साल जनवरी में हुए कुंभ मेेले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इसको सैद्धांतिक सहमति दी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यह दुनिया का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों का प्रयागराज जाना आसान हो जाएगा।
मायावती ने भी की थी प्लानिंग
योगी सरकार से पहले मायावती सरकार ने भी वर्ष 2009 में गंगा एक्सप्रेस-वे ( Ganga Expressway ) की प्लानिंग की थी। उस समय मायावती सरकार ने इसको नोएडा से बलिया तक बनाने का ऐलान किया था। यह नोएडा से बुलंदशहर, बदायूं, नरौरा, कन्नौज, फतेहगढ़, बिठूर, कानपुर, उन्नाव, ऊंचाहार, इलाहाबाद, चुनार, वाराणसी से बलिया तक बनाने की योजना थी। हालांकि, यह योजना कागजाें में ही रह गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गंगा एक्सप्रेस-वे ( Ganga Expressway ) की शुरुआत मेरठ से करने का ऐलान किया था।
खास बातें
- गंगा एक्सप्रेस-वे ( Ganga Expressway ) मेरठ, अमरोहा, बुलंदशहर, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाएगा।
- यह एक्सप्रेस-वे 600 किलोमीटर लंबा होगा।
- लगभग 6,556 हेक्टेयर भूमि की जरूरत पड़ेगी इसके लिए।
- लगभग 36,000 करोड़ रुपये खर्च आने की संभावना