
जेवर एयरपोर्ट से पहली उड़ान भरने वाले किसान यात्री, फोटो सोर्स- IANS
Noida International Airport First Flight: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगों की पहली फ्लाइट ने उड़ान भरी है। खास बात ये है कि इस पहली उड़ान में वे सभी किसान सवार थे, जिन्होंने एयरपोर्ट बनाने के लिए अपनी जमीनें दी हैं। देश और प्रदेश के लिए वाकई ये एक विकास की उड़ान थी, लेकिन किसानों को चेहरे पर जमीन जाने की एक मायूसी भी झलक रही थी। इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, एक नोएडा के किशोरपुर गांव के एक 72 साल के बुजुर्ग किसान ने कहा कि हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हम कभी हवाई जहाज में उड़ेंगे, और वह भी उस एयरपोर्ट से जो हमारी अपनी ही जमीन पर बना है। यह शब्द कहते हुए उनकी आंखों में अपनी माटी खोने का दर्द और देश के विकास में योगदान देने का गर्व, दोनों साफ झलक रहा था।
आपको बता दें कि यह भावुक कहानी उन तमाम किसानों की है जो जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से उड़ान भरने वाली पहली फ्लाइट में सवार थे। ये वही भूमिदाता हैं जिन्होंने एशिया के इस सबसे बड़े बनने जा रहे ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए अपनी पुश्तैनी जमीनें सरकार को सौंपी थीं।
बता दें कि सोमवार सुबह ठीक 8:30 बजे इंडिगो की फ्लाइट ने लखनऊ के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली आधिकारिक उड़ान भरी। इसके साथ ही इस रनवे से बेंगलुरु, अमृतसर और चंडीगढ़ के लिए भी विमानों ने उड़ानें भरीं। इस पहली ऐतिहासिक उड़ान में रोही गांव की 61 साल की राजवती भी शामिल थीं। एयरपोर्ट के निर्माण ने उनके गांव और पड़ोसियों को अलग कर दिया था, लेकिन इस फ्लाइट के जरिए वे आखिरकार लखनऊ में अपने उन पुराने दोस्तों से मिलने जा रही हैं जो विस्थापन के बाद दूर हो गए थे।
अपनी 25 बीघा जमीन को याद करते हुए राजवती भावुक हो उठीं, 'कोई कहीं चला गया है, कोई कहीं और, सब बिखर गए हैं। जमीन अधिग्रहित होने के बाद हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। मैं आज भी कभी-कभी अपनी जमीन को याद करके रो पड़ती हूं। कभी-कभी तो अपनी गायों के बारे में सोचकर घर से बाहर निकल जाती हूं।'
जहां बुजुर्ग पीढ़ी अपनी जमीन और खेती की पुरानी यादों को समेटे हुए भावुक थी, वहीं युवा पीढ़ी एयरपोर्ट के साथ आने वाले विकास और आधुनिकता को लेकर बेहद उत्साहित दिखी। थोरा गांव के 27 साल के सचिन सिंह फेज-2 के लिए अपनी जमीन दे चुके हैं। वे अपने माता-पिता, पत्नी और बेटी के साथ अमृतसर जाने वाली पहली फ्लाइट का हिस्सा बने। इस दौरान सचिन ने कहा, 'मैं हमेशा से चाहता था कि मेरी बेटी इस एयरपोर्ट से उड़ने वाली पहली फ्लाइट का सफर तय करे, इसीलिए हमने अमृतसर के लिए पूरा फैमिली वेकेशन बुक किया।'
हालांकि, सचिन ने विकास के साथ आने वाले अंधाधुंध पैसे को लेकर एक बड़ी चिंता भी जताई। उन्होंने आगाह करते हुए कहा, 'पैसा कोई रुकता थोड़ी है? जिन लोगों ने जिंदगी में कभी लाख रुपए नहीं देखे थे, आज उन्हें अपनी जमीनों के बदले करोड़ों रुपए मिल रहे हैं। लेकिन बहुत से लोग इस पैसे को बड़ी गाड़ियां खरीदने और शराब जैसी चीज़ों में बर्बाद कर रहे हैं।'
Published on:
15 Jun 2026 12:48 pm
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