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खेतों से आसमान तक: जेवर के किसान पहली बार उड़ेंगे हवाई जहाज में, लखनऊ जाकर CM योगी से करेंगे मुलाकात

Jewar airport: उत्तर प्रदेश के जेवर में बने इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर 170 किसानों को पहली बार हवाई जहाज से यात्रा करवाकर सीएम योगी से मुलाकात करवाई जाएगी।

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नोएडा

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Pooja Gite

Jun 14, 2026

noida international airport

170 किसानों को जेवर से हवाई यात्रा कर सीएम योगी से मिलने का मिला मौका photo source ani

Cm yogi adityanath: जेवर इलाके के करीब 170 किसान जिनमें 20 महिलाएं भी शामिल हैं। ये सभी सोमवार को पहली बार हवाई जहाज के सफर पर निकलने वाले हैं। ये वो किसान हैं जिन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए अपनी पुरखों की जमीन खुशी-खुशी सरकार को दे दी थी। अपनी इस पहली फ्लाइट से ये सभी किसान सीधे लखनऊ जाएंगे। जहां वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। किसानों के इस पूरे ग्रुप की अगुवाई जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह कर रहे हैं।

ये किसानों के लिए खास क्यों है

सरकारी बयान के अनुसार, किसान लखनऊ जाकर सीएम योगी का शुक्रिया अदा करेंगे। वे मुख्यमंत्री को इस बात के लिए धन्यवाद देंगे कि एयरपोर्ट बनने से उनके इलाके का तेजी से विकास हो रहा है और बिजनेस व रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। यह सफर उन किसानों के लिए एक बेहद बड़ा और भावुक पल है। जिनकी खेती की जमीन पर आज यह आलीशान एयरपोर्ट खड़ा है। कल तक जहां फसलें लहलहाती थीं, आज वहां से देश-विदेश के लिए उड़ानें शुरू होने जा रही हैं, जो इस पूरे इलाके की किस्मत बदल देगा।

पीएम मोदी का सपना हुआ सच

यह मौका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पुराने वादे और सपने को सच कर रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे एक ऐसा भारत देखना चाहते हैं जहां हवाई चप्पल पहनने वाला आम इंसान भी हवाई जहाज में सफर कर सके। जेवर की धरती पर यह सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। किसानों के इस सफर को एक खास बदलाव और विकास में जनता की हिस्सेदारी और देश के अन्नदाताओं के सम्मान की एक बड़ी उड़ान मानी जाएगी।

किसानों की वजह से बना हवाई अड्डे

इस मौके पर जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह सिर्फ जेवर या नोएडा के साथ-साथ पूरे देश के लिए गर्व की बात होगी। जिन किसानों और मजदूरों ने इस जमीन पर दिन-रात एक करके काम किया है। आज वो सभी किसान इस भूमी पर बने इंटरनेशनल हवाई अड्डे की पहली हवाई यात्रा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि एयरपोर्ट बनाने का यह सफर इतना आसान नहीं था, लेकिन यह सब किसानों के भरोसे उनके त्याग और लगातार बातचीत की वजह से ही सफल हो पाया है।

'किसान हवाई जहाज की सीढ़ियां चढ़ेंगे'

उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिन पैरों ने कभी खेतों की मिट्टी में बिना चप्पलों के काम किया। आज वो हवाई जहाज की सीढ़ियां चढ़ेंगे। जिन आंखों ने अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के सपने देखे थे। आज वो सपने हकीकत का रूप ले रहे हैं। यह सफर आने वाली पीढ़ियों को हमेशा यह याद दिलाएगा कि जब विकास के काम में किसानों को बराबर का सम्मान और हिस्सेदार बनाया जाता है, तो पूरे समाज की दिशा और दशा बदल जाती है।