नोएडा

कालेधन के कुबेर राजेश्वर यादव के रिश्तेदारों पर IT कसेगा शिकंजा, खातों की होगी जांच

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक बुधवार को सेक्टर-18 स्थित बैंक में खोले गए यादव के लॉकर से कुछ खास सबूत हासिल नहीं हुए हैं।
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Updated: 16 Nov 2017, 11:10 PM IST
rajeshwar yadav

नोएडा। आयकर विभाग के निशाने पर आए उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव की मुसीबत जल्द ही बढ़ने वाली है, क्योंकि उनकी दर्जन भर कंपनियों के डेढ़ दर्जन डायरेक्टरों के जल्द ही लॉकरों को खोला जाना है। जिससे राजेश्वर सिंह यादव की अकूत संपत्तियों व दौलत के सारे राज बाहर आएंगे।

जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग की जांच टीम ने सभी निदेशकों की जन्मकुंडली तैयार करनी शुरू कर दी है। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि निदेशक के पद पर तैनात व्यक्ति का राजेश्वर सिंह यादव से क्या रिश्ता है। अभी कयास लगाया जा रहा है कि संभवता यह सभी निदेशक उनके रिश्तेदार है। ऐसे में उनके पिछले रिकार्ड को भी खंगाले का काम किया जा रहा है। जिससे यह पता चल सके कि यह निदेशक प्रोफेशनल्स हैं या ऐसे ही कंपनियों में कालाधन खपाने के लिए सिर्फ रबर स्टैंप की तरह करीबियों का इस्तेमाल किया गया है।

आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक बुधवार को सेक्टर-18 स्थित बैंक में खोले गए यादव के लॉकर से कुछ खास सबूत हासिल नहीं हुए हैं। जिसके चलते अब उनके अन्य बचे हुए लोकर से भी कुछ खास नहीं मिलने उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन उनके साथ जुड़े सभी करीबी रिश्तेदारों के लॉकरों को जल्द खोलने की प्रक्रिया को शुरू किया जा सकता है। इसके लिए कार्रवाई शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है लेकिन अधिकारियों को बड़ी सफलता निदेशकों के लाकर खुलने के बाद हाथ लगने उम्मीद है।

इसके लिए जब्त दस्तावेजों के आधार पर लगातार सफलता की पुष्टि भी हो रही है। इसके लिए कंपनियों के जितने भी चार्टड अकाउंटेंट है। उनसे भी जल्द ही पूछताछ की जा सकती है। उन्हें भी विभाग के अधिकारियों ने निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। उनकी प्रत्येक गतिविधियों पर पैनी नजर बनी हुई है। यह भी देखा जा रहा है कि एक चार्टड अकाउंटेंट सारा काम देख रहा था कि अलग-अलग सीए को कंपनी ने हायर किया था। या इसमें शामिल सीए भी फेक है।

एक लाकर मिला खाली
आयकर की टीम ने बुधवार को सेक्टर-18 में जिस बैंक में लाकरों को खोलने की प्रक्रिया अपनाई है। उसमें एक लाकर पूरी तरह से खाली मिलना भी बताया गया है। इससे यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि शायद राजेश्वर सिंह यादव को पहले से ही कार्रवाई की आशंका था। इससे उसने इन लाकरों से दस्तावेजों को निकालकर इधर से उधर किया है।

CCTV फुटेज से भी सहयोगी का खुलेगा राज
जांच टीम बैंक से यह भी जानकारी जुटा रही है कि हाल में कब राजेश्वर सिंह यादव ने अपने लाकरों को खोला है। उस दिन उनके साथ बैंक में कौन-कौन शामिल हुआ था। साथ पहुंचे व्यक्ति से भी गहनता से पूछताछ की जा सकती है।

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16 Nov 2017, 11:10 PM IST
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