सेक्टर-18 स्थित एलाइट स्पा सेंटर के कर्मियों से नाजायज डिमांड करने और उसे पूरा न करने पर मारपीट करने और जेल भिजवाने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने आरोपी पवन पांडे को गिरफ्तार किया है।
शहर की कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने गनर के दम पर गुंडागर्दी और मारपीट करने के आरोपी पवन पांडे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे सेक्टर-18 स्थित एलाइट स्पा सेंटर के कर्मियों से नाजायज डिमांड करने और उसे पूरा न करने पर मारपीट करने और जेल भिजवाने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। बता दें कि आरोपी पवन कुमार पांडे गाजियाबाद का रहने वाला है। एडीसीपी आशुतोष कुमार द्विवेदी के मुताबिक, सेक्टर-18 स्थित एलाइट स्पा सेंटर चलाने वाले राज चौहान ने कोतवाली 20 में शिकायत दर्ज कराई थी कि पवन अक्सर अपने साथी राजेंद्र तोमर के साथ एलाइट स्पा सेंटर पर आता था और नाजायज डिमांड करता था। मना करने पर बाउंसर से उठवा लेने की धमकी देता था।
लड़कियों की डिमांड पूरी न होने पर मारपीट
पीड़ित राज चौहान ने पुलिस को बताया कि 14 सितंबर को जब पवन कुमार पांडे सेक्टर-18 स्थित एलाइट स्पा सेंटर आया था, तब उसने लड़कियों की डिमांड करते हुए नाजायज काम करने के लिए दबाव बनाया। जब राज चौहान ने ऐसा करने से मना किया तो पवन ने उसे कमरे में ले जाकर बुरी तरह पीटा। जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने राज की शिकायत पर सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज कर आरोपी पवन पांडे को गिरफ्तार कर लिया है।
हवा में पिस्टल लहराते हुए कई फोटो वायरल
बता दें कि फॉर्च्यूनर और सरकारी ग़नर को लेकर चलने वाला पवन पांडे के रूतबे का अंदाजा सोशल मीडिया पर मौजूद उसकी पुरानी तसवीरों को देखकर लगाया जा सकता है। सरकारी सुरक्षाकर्मियों के बीच पवन पांडे हवा में पिस्टल लहराता था। ऐसे कई फोटो हैं। बताया जाता है कि पवन ने मथुरा जिले के एक भू-माफिया के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने पर एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पवन ने अपने चारों तरफ पुलिस का सुरक्षा घेरा खड़ा कर रखा था। जिसकी आड़ में वह नाजायज काम करता था।
वैध रूप से ले रखी थी गनर
करीब 2 महीने पहले गाजियाबाद की एक सोसाइटी में रेजिडेंट को पीटने की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मथुरा और गाजियाबाद की पुलिस ने पवन पांडे से करीब 17 सरकारी गनर वापस ले लिए थे। इसकी बकायदा शासन स्तर पर जांच हुई थी और साफ निर्देश मिला था कि पवन को गनर न दिया जाए। इसके बावजूद उसके पास तीन गनर है, जिसमें से एक गनर मेरठ पुलिस से मिला हुआ हैए, जो उसके बाउंसर राहुल के नाम पर है। जबकि दो गनर पवन ने दूसरे लोगों के नाम पर अवैध रूप से ले रखी थी।