Noida Supertech Twin Towers Case : नोएडा में भ्रष्टाचार की बुनियाद पर खड़े सुपरटेक ट्विन टावर को ध्वस्त करने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से भ्रष्ट अफसरों की सूची जारी की गई थी। वहीं अब इस मामले में मुख्यमंत्री सख्त एक्शन के मूड में नजर आ रहे हैं। उन्हें बस विजिलेंस रिपोर्ट का इंतजार है।

Noida Supertech Twin Towers Case : नोएडा में भ्रष्टाचार की नींव पर खड़े सुपरटेक बिल्डर के ट्विन टावर को आखिरकार धूल के गुबार में बदल दिया गया है। लेकिन, बड़े भ्रष्टाचार का यह किस्सा अब यहीं थमने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय से नोएडा अथॉरिटी और सुपरटेक बिल्डर के भ्रष्ट अफसरों की सूची जारी की गई थी। अब इस मामले में मुख्यमंत्री सख्त एक्शन के मूड में नजर आ रहे हैं। इस तरह नोएडा प्राधिकरण के कई तत्कालीन अफसरों की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। बताया जा रहा है कि यूपी सरकार को आरोपी अधिकारियों के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच रिपोर्ट आते ही योगी सरकार दोषी अफसरों के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुपरटेक भ्रष्टाचार के केस में जांच को लेकर एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की जांच में नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन 26 अफसर दोषी मिले थे। इसके बाद सरकार ने दोषी 26 अधिकारियों के साथ सुपरटेक ग्रुप के 4 निदेशक और 2 आर्किटेक्ट के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश जारी किए थे। इस मामले में विजिलेंस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था और अभी भी जांच जारी है। सूत्रों की मानें तो विजिलेंस ने पिछले दिनों आरोपी अफसरों के ठिकानों पर छापे भी मारकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद करते हुए उनकी संपत्ति का ब्योरा भी एकत्र किया था।
जल्द सरकार को सौंपी जा सकती है जांच रिपोर्ट
बताया जा रहा है कि विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के बल पर जुटाई गई काली कमाई को लेकर गहन जांच की है। विजिलेंस की ये जांच डिप्टी एसपी स्तर के एक अफसर के नेतृत्व में जारी है। ट्विन टावर ध्वस्तीकरण के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि विजिलेंस जल्द ही जांच रिपोर्ट योगी सरकार को सौंप देगी। इसके साथ ही कार्रवाई के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी जाएगी।
ये बोले अपर मुख्य सचिव
वहीं, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी का कहना है कि इस केस में विजिलेंस जांच जारी है। बस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बता दें कि एसआईटी की जांच में प्राधिकरण के 26 अधिकारी दोषी मिले थे, जिनमें से 20 सेवानिवृत्त तो दो की मृत्यु हो चुकी है।