
राजस्थान आज ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां महिला और युवा उद्यमिता राज्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बनती दिखाई दे रही है। स्टार्टअप, एमएसएमई, कृषि आधारित उद्योग, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्थानीय उत्पादों के बढ़ते अवसरों ने प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के लिए नए रास्ते खोले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, वित्तीय सहायता, मेंटरशिप और बाजार तक बेहतर पहुंच मिले, तो राजस्थान रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकता है।
उद्यमी एवं शिक्षाविद अखंड स्वरूप पंडित (A.S. पंडित) का मानना है कि उद्यमिता केवल व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में नेतृत्व, नवाचार और रोजगार के नए अवसर पैदा करने का माध्यम भी है। उनके अनुसार, आज आवश्यकता ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र की है, जहाँ युवाओं को केवल डिग्री नहीं बल्कि व्यवसाय स्थापित करने और उसे सफल बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिले। यह सोच उनके शिक्षा, उद्यमिता और स्टार्टअप मार्गदर्शन से जुड़े कार्यों में भी दिखाई देती है।
A.S. पंडित ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं वेलनेस, रियल एस्टेट और बिजनेस ट्रेनिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए एक बहु-क्षेत्रीय व्यावसायिक इकोसिस्टम विकसित किया है। उनका दावा है कि उन्होंने 1.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन किया है तथा अनेक स्टार्टअप्स को व्यवसाय विकसित करने में सहयोग दिया है। उनका फोकस विशेष रूप से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और उद्यमशील सोच विकसित करने पर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं के लिए उद्यमिता की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। यदि स्थानीय स्तर पर कौशल विकास, डिजिटल प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता, व्यवसाय प्रबंधन और अनुभवी मेंटर्स का सहयोग उपलब्ध कराया जाए, तो छोटे उद्यम भी बड़े आर्थिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं। डिजिटल तकनीक और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों और सेवा आधारित व्यवसायों के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान बना दी है।
A.S. पंडित का कहना है कि आने वाले वर्षों में राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत उसका युवा वर्ग होगा। यदि शिक्षा संस्थान, उद्योग, वित्तीय संस्थाएं और सरकारी एजेंसियां मिलकर उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में काम करें, तो लाखों नए रोजगार सृजित किए जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से वे नेतृत्व विकास, उद्यमिता, रोजगार सृजन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न अभियानों पर कार्य करने की बात करते हैं।
राजस्थान में बढ़ती महिला भागीदारी, युवाओं की नवाचार क्षमता और बदलता स्टार्टअप इकोसिस्टम यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में राज्य केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था और नवाचार केंद्रित विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उद्यमिता को निरंतर नीति समर्थन, निवेश, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रभावी मार्गदर्शन मिलता रहा, तो राजस्थान रोजगार, नवाचार और आर्थिक विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है।
Updated on:
12 Aug 2026 11:07 pm
Published on:
12 Aug 2026 11:07 pm
बड़ी खबरें
View Allनोएडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
