नोएडा दादरी रैली में Akhilesh Yadav का भाजपा पर बड़ा हमला। एयरपोर्ट, संविधान, रोजगार और भेदभाव के मुद्दों पर घेरा, 2027 चुनाव के लिए PDA रणनीति का भी ऐलान किया। आइये जानते है अखिलेश ने क्या कहा...
समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने रविवार को नोएडा के दादरी में आयोजित समता भाईचारा रैली में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जेवर एयरपोर्ट, संविधान, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए। इस रैली को 2027 विधानसभा चुनाव के अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। जहां सपा ने पश्चिमी यूपी के गुर्जर वोटरों पर खास फोकस किया।
नोएडा के दादरी में आयोजित समता भाईचारा रैली में Akhilesh Yadav ने भाजपा सरकार पर कई बड़े आरोप लगाए। और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने की कोशिश की। अपने संबोधन में उन्होंने जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश के कई एयरपोर्ट बंद हो चुके हैं। अब नए एयरपोर्ट के भविष्य को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम यह भरोसा तो दिया जाना चाहिए कि इसे आगे चलकर बेचा नहीं जाएगा।
अखिलेश यादव ने अपने भाषण में सामाजिक भेदभाव और पुराने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग खुद अन्याय और अपमान नहीं झेलते, वे दूसरों का दर्द पूरी तरह समझ नहीं सकते। उन्होंने मंदिर धुलवाने से जुड़े एक पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जो हुआ। उससे उन्हें गहरी पीड़ा हुई थी।
रैली से पहले अखिलेश यादव ने गुर्जर प्रतिहार वंश के सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उसे गंगाजल से शुद्ध भी किया। इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर समुदाय को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इस क्षेत्र में गुर्जर समाज का प्रभाव कई सीटों पर अहम माना जाता है। सपा इस वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताती है। उसे भीड़ जुटाने के लिए सरकारी संसाधनों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश में भाजपा की विदाई तय है। आगे चलकर केंद्र की सत्ता में भी बदलाव होगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने नोएडा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। और इसे भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने 2027 में सरकार बनने पर लखनऊ में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाने का वादा भी किया।
उन्होंने सामाजिक न्याय की बात करते हुए कहा कि देश में बड़ी आबादी के साथ भेदभाव हो रहा है। और कुछ प्रतिशत लोग बहुसंख्यक समाज के अधिकारों पर कब्जा किए हुए हैं। उन्होंने संविधान की सुरक्षा को सबसे अहम बताते हुए कहा कि जब तक भाजपा सत्ता में है। तब तक संविधान पर खतरा बना रहेगा।
रोजगार के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि भाजपा के एजेंडे में नौकरी कभी नहीं रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों में भर्ती की प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है। पेपर लीक जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। जेवर एयरपोर्ट को लेकर उन्होंने दावा किया कि इसके लिए जरूरी मंजूरी दिलाने का काम समाजवादी पार्टी ने ही किया था। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा देने और उनकी जमीन का सम्मान करने की बात कही।
अखिलेश यादव ने महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने 1090 सेवा को और मजबूत करने, समाजवादी पेंशन योजना को दोबारा शुरू करने और गरीब महिलाओं को सालाना आर्थिक सहायता देने का वादा किया। कुल मिलाकर यह रैली सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि 2027 चुनाव के लिए सपा की रणनीति और संदेश देने का बड़ा मंच बनकर सामने आई।