नोएडा

बड़ी खबर: कैराना उपचुनाव की सरगर्मी हुई तेज, पहली बार अखिलेश यादव ने दे दिया यह आदेश

कैरान सीट को लेकर अखिलेश यादव ने पहली बाद दिया यह बयान।

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Mar 21, 2018
akhilesh yadav gave first time statement on kairana

नोएडा। फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव के बाद कैराना लोकसभा सीट के लिए अब बिसात बिछनी शुरू हो गई है। सभी पार्टियों ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। खासकर भाजपा और सपा, दोनों ही पार्टियां किसी तरह इस सीट पर जीत हासिल करना चाहती है। इसी मद्देनजर सपा के सहारनपुर जिला अध्यक्ष चौधरी रुद्रसेन ने अखिलेश यादव से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कैराना सीट को लेकर दोनों के बीच काफी देर तक चर्चा भी हुई। चौधरी रुद्रसेन ने बताया कि कैराना सीट को लेकर अखिलेश यादव काफी गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने साफ कहा कि कैराना सीट पर कार्यकर्ताओं को एक्टिव कर दिया जाए।


भाजपा के लिए कही यह बात

सपा जिला अध्यक्ष चौधरी रुद्रसेन ने कहा कि अखिलेश यादव ने बताया कि भाजपा देश एवं प्रदेश में हिंदुओं और मुसलमानों को लड़वाने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांप्रदायिक सौहार्द एवं भाईचारे के लिए खतरा है। लिहाजा, किसी भी सूरत में भाजपा को हराना जरूरी है। अखिलेश ने कहा कि इलाके में सभी सपा कार्यकर्ताओं को एक्टिव कर दिया जाए और ग्राउंड लेवल पर काम किया जाए। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव की तैयारियों में जुटने और गोरखपुर एवं फूलपुर की तरह विजय हासिल करने का आह्वान किया है।


बिगड़ सकता है भाजपा का खेल

कैरान लोकसभा सीट भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। भाजपा किसी भी सूरत में इस सीट पर जीत हासिल करना चाहती। क्योंकि, गोरखपुर और फूलपुर हार के बाद सियासी हलचल काफी तेज हो गई है। भाजपा की इस हार को अगामी लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इतना ही नहीं, अगर इस सीट पर भी सपा-बसपा का गठबंधन होता है तो भाजपा के लिए काफी मुसीबत हो सकती है। चुकी यह सीट भाजपा का गढ़ है और हाल ही में कद्दावर नेता हुकुम सिंह की मौत हुई तो भाजपा को भरोसा है कि उसे उनकी मौत की सहानुभूति भी मिल सकती है। बहरहाल, समीकरण जो भी हो लेकिन यूपी का यह सीट सभी पार्टियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है और सभी पार्टियों ने इस सीट पर अपना कब्जा जमाने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।

Updated on:
21 Mar 2018 06:31 pm
Published on:
21 Mar 2018 06:28 pm