छत्‍तीसगढ़ और राजस्‍थान में भाजपा पिछड़ती दिख रही है, वहीं मध्‍य प्रदेश में कांग्रेस उसको कड़ी टक्‍कर दे रही है
नोएडा। मंगलवार को पूरे देश के लोगों की नजर राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों के चुनाव परिणाम पर लगी है। इनमें छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा पिछड़ती दिख रही है, वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस उसको कड़ी टक्कर दे रही है। उधर, बसपा भी मध्य प्रदेश में कुछ सीटों पर आगे चल रही है। ऐसे में भाजपा को एक और बड़ा झटका लग सकता है। चर्चा है कि भाजपा के दो पूर्व मंत्री बसपा का दामन थाम सकते हैं। इनकी गौतमबुद्ध नगर में अच्छी पकड़ मानी जाती है। दोनों ही लोकसभा चुनाव के लिए टिकट लेना चाहते हैं।
बसपा के बड़े नेता से मिले थे दोनों
भारतीय जनता पार्टी के दाे पूर्व मंत्रियों के बसपा में जाने की चर्चा चल रही है। बताया जा रहा है कि इसके लिए वे बसपा के बड़े नेता से भी मिल चुके हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि दोनों को चुनाव परिणाम तक इंतजार करने को कहा गया है। बताया जा रहा है कि दोनों ही पूर्व मंत्री स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा के विरोधी हैं। दोनों ही गौतमबुद्ध नगर से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं जबकि यहां से सांसद डॉ. महेश शर्मा मजबूत स्थिति में हैं। दोनों ही पूर्व मंत्री भाजपा आलाकमान के सामने भी अपनी इच्छा रख चुके हैं लेकिन यहां कुछ न होते देख वह बसपा के बड़े नेता से मिले थे। उन्होंने उनसे मिलकर गौतमबुद्ध नगर से टिकट की इच्छा जताई थी। इसके बाद बसपा की तरफ से उन्हें राजस्थान और मध्य प्रदेश के चुनाव परिणाम आने तक इंतजार करने को कहा गया था।
वीरेंद्र डाढ़ा का कट चुका है टिकट
बता दें कि बसपा ने गौतमबुद्ध नगर से वीरेंद्र डाढ़ा को लोकसभा चुनाव के लिए लिए यहां से अपना प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने गौतमबुद्ध नगर लोकसभा क्षेत्र में प्रचार भी शुरू कर दिया था लेकिन पिछले माह पार्टी ने उन्हें झटका दे दिया। पार्टी ने वीरेंद्र डाढ़ा का टिकट काट दिया था। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर से टिकट लेने वालों की लाइन लग गई। इसमें दूसरे दलों के नेता भी शामिल हो गए। इसी टिकट की आस लेकर दोनों पूर्व मंत्री दिल्ली में बसपा नेता से मिले थे।