नोएडा

मतदाता सूची में सुधार को लेकर भाकियू टिकैत सक्रिय, पात्र मतदाताओं के हक में उठाई आवाज

Gautam Buddh Nagar News: गौतम बुद्ध नगर में भाकियू टिकैत ने मतदाता सूची की कथित गड़बड़ियों के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने पात्र मतदाताओं के हटाए गए नाम बहाल करने और सूची की दोबारा समीक्षा कराने की मांग की।
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Oct 10, 2026
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वोटर लिस्ट की कथित गड़बड़ियों के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन। फोटो-IANS

Gautam Buddh Nagar News: मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। शनिवार को संगठन के जिला अध्यक्ष मनोज मावी के नेतृत्व में किसानों और यूनियन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची में सुधार कराने और गलत तरीके से हटाए गए पात्र नागरिकों के नाम दोबारा शामिल करने की मांग की। किसानों ने यह ज्ञापन SDM सदरगौतम बुद्ध नगर आशुतोष गुप्ता को सौंपा। भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में कई तरह की त्रुटियां हैं और मतदान के योग्य कई नागरिकों के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं। संगठन ने कहा कि ऐसी किसी भी लापरवाही या अनियमितता के कारण पात्र नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

लोकतंत्र में मतदान का अधिकार महत्वपूर्ण: मनोज मावी

भाकियू टिकैत के जिला अध्यक्ष मनोज मावी ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान करना प्रत्येक पात्र नागरिक का महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है। यदि किसी व्यक्ति का नाम बिना उचित कारण के मतदाता सूची से हटा दिया जाता है, तो इससे उसके लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित होते हैं।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्धारित नियमों के अनुसार होनी चाहिए। इससे नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उनके मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

मतदाता सूची की त्रुटियों को जल्द दूर करने की मांग

मनोज मावी ने मतदाता सूची में सामने आई त्रुटियों पर चिंता जताते हुए इनके जल्द समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जरूरी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज हो और उसे मतदान करने का अवसर मिले।

संगठन ने इस मुद्दे को लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की। यूनियन का कहना है कि मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया में किसी भी पात्र नागरिक के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

प्रशासन के प्रयास के बाद सौंपा गया ज्ञापन

ज्ञापन सौंपने के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से किसानों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया गया। इसके बाद प्रशासन के प्रयासों से किसान सहमत हुए और भाकियू टिकैत के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने और गलत तरीके से हटाए गए पात्र नागरिकों के नाम बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

मतदाता सूची की दोबारा समीक्षा कराने पर जोर

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मांग की कि जारी मतदाता सूची की दोबारा समीक्षा की जाए। जिन पात्र नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उनके मामलों की जांच कर नियमानुसार नाम फिर से शामिल किए जाएं। इसके साथ ही नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की शिकायतें सामने न आएं।

यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित किए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और जरूरी सुधार करने चाहिए।

इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। सभी ने मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा करने की मांग की। संगठन ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा और किसानों व आम नागरिकों की आवाज उठाने के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा।

Updated on:
10 Oct 2026 03:31 pm
Published on:
10 Oct 2026 03:27 pm