जेल प्रशासन बोला, बिना लिखित जानकारी के अगर कोई भूख हड़ताल करेगा तो उसके खिलाफ की जाएगी कड़ी कार्रवाई
सहारनपुर. एससी-एसटी कानून में सुप्रीम कोर्ट की ओर से किए गए संशोधन के खिलाफ दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ 'रावण' ने शनिवार से जेल में ही भूख हड़ताल शुरू कर दी। चंद्रशेखर ने जेल से अपने समर्थकों से भी भूख हड़ताल करने की अपील की है। वहीं, इस मामले में जेल प्रशासन का कहना है कि अगर बिना लिखित सूचना के अगर कोई भूख हड़ताल करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हिंसा के दौरान और बाद में पुलिस ने 800 के करीब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
दिल्ली भीम आर्मी के प्रदेश प्रभारी अधिवक्ता सुजीत सम्राट ने केन्द्र और राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आलम यह है कि देश में खुली हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। सुजीत सम्राट ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में दो अप्रैल को देशभर में दलित संगठनों ने आंदोलन किया था। उस दौरान एक साजिश के तहत प्रदर्शनकारियों को उकसाकर हिंसा करवाई गई। ताकि आन्दोलन को कमजोर किया जा सके। वहीं, इसके बाद पुलिस ने हजारों दलित प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमें दर्ज करउत्पीड़न कर रही है। उन्होंने यह बातें भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद उर्फ 'रावण' से सहारनपुर जेल में मुलाकात करने के बाद कही।
सुजीत ने बताया कि चंद्रशेखर पुलिस की इस तरह उत्पीड़न करने वाली
कार्रवाई से बहुत ही दुखी है। पुलिस कार्रवाई के खिलाफ चंद्रशेखर ने जेल से भूख हड़ताल करने का आह्वान किया है। उन्होंने दावा किया कि जब तक पुलिस की ओर से दर्ज किए गए मुकदमे वापस नहीं लिए जाएंगे वह जेल में ही भूख हड़ताल जारी रखेंगे। आपको बता दें कि भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर फिलहाल सहारनपुर जेल में बंद है।