भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पूर्व सीएम के रिश्तेदार पर खेला दांव।
नोएडा। यूपी राज्यसभा सभा चुनाव 2018 के लिए वोटिंग जारी है। हाल यह है कि सभी पार्टियों के बीच उहाफोह की स्थिति बनी हुई है। खासकर सपा और बसपा में। लेकिन, इस राज्यसभा चुनाव में सबसे ज्यादा फायदा भाजपा को होते हुए नजर आ रही है। भाजपा के दांव-पेच में सपा और बसपा फंसते नजर आ रहे हैं। वहीं, भाजपा ने अपने नौंवे राज्यसभा सदस्य पर जबरदस्त दांव खेला है। जी हां, गाजियाबाद से भाजपा ने जिसे अपना प्रत्याशी घोषित बनाया है, वो कांग्रेस के पूर्व मुंख्यमंत्री बाबू बनारसी दास के रिश्तेदार हैं।
इंजीनियर अनिल अग्रवाल हैं भाजपा के नौंवे प्रत्याशी
भाजपा ने राज्यसभा के लिए इंजीनियर अनिल अग्रवाल को अपना नौंवा प्रत्याशी बनाया था। ये यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू बनारसी दास के रिश्तेदार हैं। इनरे जरिए भाजपा एक तीर से दो निशाना साधा है। पहला यह कि बाबू बनारसी दास के रिश्तेदार होने का उन्हें फायदा मिलेगा। दूसरा यह कि वो जाने माने उद्योगपति भी है। इस तीर से सपा और बसपा के मुसीबत भी बढ़ सकती है। गौरतलब है कि भाजपा के लिए नौवें राज्यसभा कैडिडेंट अनिल अग्रवाल का दिल्ली देहरादून हाईवे पर गाजियाबाद से सात किलोमीटर की दूरी पर एचआईआरआईटी कॉलेज है। जिसमें बीबीए, एमबीए, बीफार्मा, बीटेक, एमटेक, बीबीए और बीसीए की पढाई कराई जाती है। इसके अलावा उनका डीपीएस एचआरआईटी कैंपस के नाम से स्कूल भी है।
सरकारी इंजीनियर थे अनिल अग्रवाल
एचआरआईटी कैंपस के मालिक इंजीनियर अनिल अग्रवाल गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में एई (एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ) के पद पर भी रह चुके हैं। उस दौरान इन्होंने कर्मिशयल और विज्ञापन विभाग का काम देखा था। साल 2006 में उन्होने वीआरएस लेकर एजुकेशन के क्षेत्र में काम शुरू कर दिया था। अनिल अग्रवाल ने बेंगलुरू से सिविल इंजीनियर की डिग्री ली हुई है। फिलहाल, राज्यसभा के लिए वोटिंग जारी है। अब देखना यह है कि भाजपा का यह दांव कितना सफल होता है।