खबर की खास बातें- प्रेसवार्ता के दौरान महिला सिविल जज ने लगाए गंभीर आरोप बोलीं- उच्च अधिकारियों ने भी नहीं की सुनवाई मजबूरी में आना पड़ा मीडिया के सामने
नोएडा. एक महिला न्यायाधीश से छेड़छाड़ और मारपीट का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित सिविल जज का आरोप है कि बार एसोसिएशन अध्यक्ष और सचिव के अलावा करीब 100 अधिवक्ताओं ने एक मामले में सुनवाई टालने बनाया है। इतना ही नहीं इससे इनकार करने पर उनके चैम्बर में घुसकर मारपीट और उनसे छेड़छाड़ की गई। जब उन्होंने इसकी शिकायत जिला न्यायाधीश से की तो उन्होंने भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। उक्त आरोप सिविल जज दीपा दास ने नोएडा सेक्टर-29 में प्रेसवार्ता के दौरान लगाए हैं।
बता दें कि पीड़ित न्यायायिक अधिकारी दीपा दास इन दिनों ओडिशा के जिला गजपति के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने नोएडा मीडिया क्लक में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि उनके साथ यह घटना न्यायगढ़ जिले में तैनाती के समय हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि न्यायगढ़ में 6 जनवरी 2018 से उनकी कोर्ट के सामने जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमिय पटनायक व सचिव रंजीत के अलावा करीब 100 अधिवक्ताओं ने धररना शुरू किया था। इसके बाद 16 जनवरी को 10 अधिवक्ता उनकी कोर्ट में घुस आए और उनके स्टाफ को बाहर निकाल दिया। इसके बाद उनसे छेड़छाड़, गाली-गलौच के साथ मारपीट की गई। इसकी शिकायत उन्होंने तत्कालीन जिला जज से भी की, लेकिन उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की।