प्रदेश में सूखे की सियासत में कांग्रेस भी कूदी

यूपी कांग्रेस के नेता सूखाग्रस्त क्षेत्रों का करेंगे दौरा

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May 10, 2016
madhusudan mistry
नोएडा।
उत्तर प्रदेश के सूखे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच हो रही राजनीति में अब कांग्रेस भी कूद पड़ी है। पार्टी ने अपने विधायकों और नेताओं को आदेश दिया है कि वे प्रदेश के सूखाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करें और माह के अंत तक केंद्र के पास उसकी रिपोर्ट पेश करें।


पहले के फंड को ही इस्तेमाल नहीं कर पार्इ सपा सरकार

यूपी कांग्रेस प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार सूखे पर सियासत कर रही है और वे ऐसे काम नहीं कर रही है, जिससे राज्य के सूखा पीड़ितों को मदद मिले। मिस्त्री ने कहा कि राज्य की अखिलेश सरकार एक तरफ तो पीड़ितों तक पानी नहीं पहुंचने दे रही है, वहीं खुद मदद के नाम पर केंद्र से हजारों करोड़ के रकम की मांग कर रही है। जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश सरकार पहले के जारी फंड को भी सही से इस्तेमाल नहीं कर पाई है।


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मिस्त्री ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना


केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मिस्त्री ने कहा कि केंद्र सरकार भी इस मसले पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता और केंद्र अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर होता तो हालात इस हद तक नहीं बिगड़ते। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अब जो उपाय कर रही है, वह आधी गर्मी बीत जाने के बाद कर रही है। इस मदद को जनता तक पहुंचने में पूरी गर्मी बीत जाएगी और मदद लोगों तक नहीं पहुंच पाएगी। अगर केंद्र सरकार इस मसले पर गंभीर थी तो उसे यह उपाय पहले ही करने चाहिए थे।


'अक्षम है मोदी सरकार'

मोदी सरकार पर अक्षमता का आरोप लगाते हुए मिस्त्री ने कहा कि क्या केंद्र सरकार को इस बात की जानकारी नहीं थी कि आने वाले समय में क्षेत्र में सूखा पड़़ सकता है जबकि देश की एजेंसियां इस बात को पहले ही बता रही थी कि आने वाले समय में देश में सूखा पड़ सकता है।


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फटकार के बाद जागे कांग्रेसी

पार्टी सूत्रों के मुताबिक राज्य कांग्रेस की इस मसले पर कोई पहल न देखने के बाद केंद्र से लगी फटकार के बाद कांग्रेस नेताओं में यह हरकत दिखाई पड़ी है। पार्टी ने स्थानीय नेताओं को एसी कमरों में बैठकर राजनीति करने से बाज आने को कहा है। पार्टी ने स्थानीय नेताओं को सूखे सहित स्थानीय मुद्दों पर जनता के साथ सड़क पर संघर्ष करने को कहा है। पार्टी को लगता है कि इसके बिना वह लोगों के बीच पैठ नहीं बना सकती। जानकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में कांग्रेस उसी तरह की रैली का आयोजन कर सकती है जिस तरह की रैली जंतर-मंतर पर आयोजित की गई थी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस को इस रैली से काफी ऊर्जा मिली है।

Published on:
10 May 2016 10:32 am
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