
नोएडा/बुलंदशह। बसपा के नवनिर्वाचित चेयरमैन ब्रजेश शर्मा की हालत में मंगलवार को सुधार हुआ है। डॉक्टर्स के मुताबिक, ब्रजेश को एक गोली लगी थी, जिसे निकाल दिया गया है। अब उनके घाव भरने में कुछ वक्त लगेगा। जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। हालांकि, मंगलवार शाम तक वह सेक्टर-132 स्थित जेपी अस्पताल में आर्इसीयू में भर्ती रहे। अस्पताल के डॉक्टर गौरव राठौर ने बताया कि ब्रेजश को एक गोली लेफ्ट आर्म में लगी थी। जिसे निकाल दिया गया है। जल्द ही घाव भरने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
चुनाव में चेयरमैन के पद पर हासिल की थी जीत
मामला बुलंदशहर के अनूपशहर थानाक्षेत्र का है। यहां अनूपशहर नगर पालिका के चुनाव में बसपा के टिकट पर ब्रजेश शर्मा ने जीत हासिल की थी। बसपा प्रत्याशी ब्रजेश शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी को 510 वोटो से हराया था।
सोमवार को हुआ था जानलेवा हमला
सोमवार देर शाम बसपा के नवनिर्वाचित चेयरमैन ब्रजेश शर्मा रोज की तरह गंगा घाट पर मछलियों को दाना-डालने के लिए गए थे। परिजनों की माने तो ब्रजेश शर्मा जब दाना डालकर घर लौट रहे थे। तभी चार से पांच नकाबपोश बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जिसमें एक गोली उनकी बांह पर जा लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए थे। गंभीर हालत में ब्रजेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उन्हें नोएडा सेक्टर-१३२ स्थित जेपी अस्पताल में रेफर कर दिया गया था।
हार से परेशान नेताओं ने कराया हमला
ब्रजेश शर्मा के परिजनों ने बताया कि उनका किसी से कोर्इ रंजिश तो दूर झगड़ा तक नहीं है, लेकिन जिस दिन से ब्रजेश शर्मा चेयरमैन का चुनाव जीते हैं। उसी दिन से हारी हुर्इ पार्टी के नेता पीछे लगे हुए हैं। उन्होंने अपनी हार को स्वीकारने की जगह उससे परेशान होकर हमला करवाया है। घायल चेयरमैन ब्रजेश के भार्इ ने बताया कि अज्ञात बदमाशों के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों का पता लगाने के साथ कड़ी सजा दिलाने की मांग की गई है।
सुरक्षा की लगाई थी गुहार
चेयरमैन ब्रजेश शर्मा के भाई राजीव शर्मा ने बताया कि सोमवार की सुबह अनूपशहर के पूर्व विधायक चौधरी गजेंद्र सिहं के साथ ब्रजेश शर्मा एसएसपी से मिले थे। एसएसपी से मिलकर अपनी जान का खतरा बताते हुए उन्होंने एक प्रर्थना पत्र दिया था, जिसमें अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी।