नोएडा

खबर काम की: यूपी के इस शहर में बन रहा है ट्रैफिक पार्क, इन सुविधाओं से होगी लैस

यूपी के नोएडा में पहला ट्रैफिक पार्क का निर्माण कार्य जारी है। लेकिन, 10 साल बीत जाने के बाद भी पार्क अब तक बनकर तैयार नहीं हुआ है।

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Jan 03, 2018

नोएडा। यातायात नियमों की जानाकारी देने और ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए शहर में पहला ट्रैफिक पार्क बनाया जा रहा है। यह ट्रैफिक पार्क नोएडा के सेक्टर-108 में बनाया जा रहा है। हालांकि, धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य के कारण यह ट्रैफिक पार्क लेटलतिफी का शिकार हो रहा है।

करोड़ों की लागत से बन रहा है ट्रैफिक पार्क

आठ एकड़ में बन रहे ट्रैफिक पार्क को 34.71 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इस ट्रैफिक पार्क का निर्माण नोएडा प्राधिकरण द्वारा कराया जा रहा है। जिसे पूरा होने पर 99 साल की लीज पर जिले के ट्रैफिक विभाग को सौंप दिया जाएगा। इस पार्क का मेंटिनेंस ट्रैफिक विभाग द्वारा ही किया जाएगा। इसके लिए प्राधिकरण और ट्रैफिक विभाग के बीच एक एमओयू भी साइन हुआ है।

पार्क के अंदर होंगी ये सुविधाएं

शहर में बन रहे पहले ट्रैफिक पार्क का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को यातायात नियमों से वाकिफ कराना है। इसके चलते इसे एक ट्रेनिंग सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। ट्रैफिक पार्क को पांच डिविजन में बांटा गया है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस के लिए प्रैक्टिकल टेस्ट के लिए एक ट्रैक तैयार किया गया है। इसके साथ ही इसमें एक ऑडिटोरियम जिसमें 200 लोगों के बैठने की सुविधा, एक कैफेटेरिया भी होगी। इसके अलावा फ्लाईओवर, ब्रिज, बसस्टॉप, सब-वे, ट्रैफिक सिग्नल आदि के मॉडल भी बनाए जाएंगे। इसके एक सेक्शन को जिग-जैग शेप में भी बनाया गया है। साथ ही इसमें मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल और ट्रैफिक पुलिस व रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस के अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग सेंटर भी विकसित किया जा रहा है।

ट्रैफिक विभाग का दफ्तर होगा शिफ्ट

ट्रैफिक पार्क का निर्माण पूरा होने और इसके शुरू होने के साथ ही जिले का एआरटीओ कार्यालय भी इसमें शिफ्ट कर दिया जाएगा। फिलहाल, यह सेक्टर-32 में चल रहा है। इस संबंध में एआरटीओ ए.के पांडे ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि इस पार्क को लेकर प्राधिकरण से बात हो गई है। उन्होने उम्मीद जताई कि जल्द ही ट्रैफिक पार्क का निर्माण पूरा हो जाएगा और इसे आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही जिले का एआरटीओ विभाग का कार्यालय भी इसमें शिफ्ट कर दिया जाएगा। फिर, वहीं से सभी काम किए जाएंगे।

लेटलतिफी का शिकार हो रहा ट्रैफिक पार्क

ट्रैफिक पार्क का निर्माण कार्य साल 2007 में शुरू हुआ था, जिसे 2015 में पूरा किया जाना था। हालांकि करीब 11 साल बाद भी इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। बाद में इसके निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य जनवरी 2016 में रखा गया था। इसके बाद इसकी डेडलाइन जुलाई और फिर ऑक्टूबर कर दी गई। इसके बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर इसकी तारीख 24 जनवरी तय की गई थी। लेकिन, अब इस डेडलाइन को भी क्रॉस कर दिया गया और इसे पूरा किए जाने की तारीख बढ़ा दी गई है।

टेंडर में देरी से समय पर पूरा नहीं हुआ निर्माण

ट्रैफिक विभाग के प्रोजेक्ट इंजीनियर आर.ए गौतम ने बताया कि ट्रैफिक पार्क में प्राधिकरण द्वारा बिजली के कार्य को करने के लिए कंपनी के चयन में देरी की गई। इसके चलते इसका निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि फिलहाल ट्रैफिक पार्क में निर्माण कार्य अंतिम दौर में है और जल्द ही इसे आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

खराब सामग्री इस्तेमाल करने पर अधिकारियों को लग चुकी फटकार

बता दें कि पिछले साल नवंबर 13 को प्रमुख सचिव (परिवाहन) अनुराधा शुक्ला ने ट्रैफिक पार्क का निरिक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने यहां निर्माण में हो रही देरी और खराब सामग्री इस्तेमाल करने पर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी। इस दौरान ट्रैफिक पार्क में इस्तेमाल हो रही सिमेंट और पानी आदि में खामियां पाई गई थी। फिलहाल, पार्क का निर्माण कार्य जारी है और अब देखने वाली बात यह होगी कि इतनी डेट फेल होने के बाद यह कब तक तैयार होती है।

Updated on:
03 Jan 2018 06:43 pm
Published on:
03 Jan 2018 06:40 pm
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