गैंगस्टर अंकित गुर्जर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खैला गांव का रहने वाला था।
नोएडा. देश की सबसे सख्त और सुरक्षित दिल्ली की तिहाड़ जेल(Tihar Jail) में बुधवार सुबह पश्चिमी यूपी के रहने वाले गैंगस्टर अंकित गुर्जर(Ankit Gurjar) की हत्या कर दी गई। तिहाड़ जेल के डीजीपी(DGP) संजय गोयल ने बताया कि 4 अगस्त की सुबह जेल(Jail) नंबर तीन में अंकित का शव मिला। पुलिस(Police) का कहना है कि वारदात की सूचना मिलते ही तहकीकात शुरू कर दी गई है। गैंगस्टर अंकित पर आठ से ज्यादा हत्या का मुकदमा दर्ज है।
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कौन है गैंगस्टर अंकित
गैंगस्टर अंकित गुर्जर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत(Bagpat) जिले के खैला गांव का रहने वाला था। अंकित को दिल्ली पुलिस(Deplhi Police) की स्पेशल सेल ने 5 अगस्त, 2020 को झज्जर से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। गैंगस्टर अंकित पर सवा लाख रुपए का इनाम था। उसके खिलाफ हत्या, लूट समेत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने अंकित गुर्जर के खिलाफ मकोका के तहत भी कार्रवाई की थी। अंकित पर दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) में भी इनाम घोषित था।
‘विरोध करने वाले की होगी हत्या’
जानकारी के मुताबिक अंकित गुर्जर जरायम की दुनिया से निकल कर राजनीति में भी हाथ आजमाना चाहता था। बताया जा रहा है कि प्रधानी के चुनाव में अंकित ने निर्विरोध चुनाव जीतने के लिए इलाके में पोस्टर भी लगवाये थे। पोस्टरों में लिखा था कि जिसने भी चुनाव में विरोध किया वो मारा जाएगा। अंकित को कहीं से पता चला कि खैला गांव के ही रहने वाले विनोद उसके खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी मिलते ही अंकित आगबबूला हो गया और विनोद की हत्या कर दी। विनोद की हत्या(Hattya) के बाद गांव में फिर पोस्टर लगवा दिया। उस पोस्टर में लिखा था, ‘निर्विरोध प्रधानी चाहिए’।
जेलकर्मियों ने की हत्या: परिजन
गैंगस्टर अंकित गुर्जर के परिजनों का कहना है कि अंकित के पास से मंगलवार को मोबाइल पकड़ा गया था, जिसके बाद उसकी एक जेल अधिकारी के साथ हाथापाई हो गई थी। आरोप है कि हाथापाई के बाद उसे जेलकर्मी बैरक से ले गए और बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। परिवार वालों ने अस्पताल और जेल के बाहर हंगामा भी किया।
साऊथ दिल्ली में कायम करना चाहता था वर्चस्व
गैंगस्टर अंकित गुर्जर साऊथ दिल्ली(South Delhi) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी सक्रिय था। हाल ही में अंकित ने रोहित चौधरी से हाथ मिलाया था। सूत्र बताते हैं कि दोनों गैंग मिलकर साउथ दिल्ली इलाके में अपना वर्चस्व कायम करना चाहते थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंकित को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था।
बहरहाल, दिल्ली पुलिस(Delhi Police) ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर कैसे अंकित गुर्जर की मौत हुई। पुलिस अंकित के साथ बैरक में रहने वाले बंदियों से पूछताछ के साथ-साथ सीसीटीवी के फुटेज खंगाल रही है। हालांकि अब तक दिल्ली पुलिस को कोई अहम सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि अंकित की मौत गैंगवॉर में हुई या फिर किसी और वजह से।