नोएडा

एप्पल के मैनेजर की तरह ही इस जिम ट्रेनर को भी पुलिसकर्मी ने गले में मारी थी गोली, 7 महीने से पड़ा है बिस्तर पर

जिम ट्रेनर जितेंद्र यादव को लखनऊ की तरह नोएडा पुलिस के एक ट्रेनी सब इंस्पेक्टर ने मारी थी गोली
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Updated: 3 Oct 2018, 12:23 PM IST
noida
एप्पल के मैनेजर की तरह ही इस जिम ट्रेनर को भी पुलिसकर्मी ने गले में मारी थी गोली, 7 महीने से पड़ा है बिस्तर पर

नोएडा. एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की तरह ही नोएडा में भी एक जिम ट्रेनर करीब 7 माह पहले यूपी पुलिस की गोली का शिकार हुआ था। लखनऊ की तरह नोएडा पुलिस के एक ट्रेनी सब इंस्पेक्टर विजय दर्शन ने भी चेकिंग के नाम पर जिम ट्रेनर जितेंद्र यादव को गोली मार दी थी। इस घटना के बाद भी काफी विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद सब इंस्पेक्टर विजयदर्शन सहित पुलिसकर्मी संजय टमटा, पंकज व नरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में सब इंस्पेक्टर विजय दर्शन अभी भी जेल में है, लेकिन जितेंद्र यादव के गले में लगी गोली रीढ़ की हड्डी के फंस जाने से उनके शरीर का निचला हिस्सा काम नहीं कर रहा है। करीब सात महीने पहले घटी इस घटना के बाद भी उन्हें प्रदेश सरकार से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है। इस तरह कभी लोगों को सेहत के टिप देकर उन्हें सेहतमंद बनाने वाले जिम ट्रेनर जितेंद्र यादव अपने घर के एक कमरे में बेड पर पड़े रहने के लिए विवश हैं।

नोएडा के सेक्टर-122 स्थित पर्थला खंजरपुर के रहने वाले जितेंद्र यादव का हाल जानने जब पत्रिका टीम उनके घर गई तो वह हमे अपने घर के कमरे में बिस्तर पर लेटे मिले। उनका बिस्तर एक पुराने अस्पताल के बेड पर लगा हुआ था। साथ ही दवा और अस्पताल में इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के बीच उनका कमरा एक अस्पताल के कमरेनुमा नजर आ रहा था। इस दौरान जितेंद्र से बात कि गई तो उन्होंने कहा कि जो घटना लखनऊ के विवेक तिवारी के साथ हुई उसने उन्हें 3 फरवरी की उस रात की याद दिला दी। जितेंद्र यादव ने बताया कि 3 फरवरी की रात वह अपने चाचा की बेटी के सगाई समारोह में जा रहे थे। इसी दौरान श्रमिक कुंज के पास ट्रेनी दरोगा विजय दर्शन ने विवाद के बाद उन्हें गोली मार दी थी।

इसके बाद सब इंस्पेक्टर विजय दर्शन सहित पुलिसकर्मी संजय टमटा, पंकज व नरेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। विजयदर्शन अभी भी जेल में है। यहां बता दें जितेंद्र वैसे तो ठीक हैं, लेकिन उनका एक पैर काम नहीं कर रहा है। वे कहते हैं जब वे अस्पताल में भर्ती थे तब स्थानीय सांसद और केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा मिलने आए थे और और कहा था कि जब तक मैं अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो जाऊंगा तब तक सरकार मदद करेगी। सरकार ने मेरे अस्पताल के इलाज का बिल जरूर चुकाया, लेकिन जैसे ही मैं घर आया सब मुझे भूल गए। मेरे इलाज पर हर महीने एक लाख खर्च हो रहा है, मेरे दो बच्चे हैं, जिनका बोझ परिजन उठा रहे हैं।

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3 Oct 2018, 12:23 PM IST
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