नोएडा

UPSC Interview में पूछे जाने वाले उल्टे-सीधे सवाल पर IAS का बड़ा खुलासा, सभी दावे हुए फेल!

Highlights: -निशांत जैन ने 2014 में सिविल सेवा परीक्षा देकर 13वीं रैंक हासिल की थी -इसके बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में इस परीक्षा से जुड़े कई राज खोले -निशांत जैन उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले हैं

2 min read
Feb 07, 2020
nishant jain

नोएडा। हर किसी का सपना होता है कि वह सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) पास कर देश की सबसे बड़ी नौकरी कर देश की सेवा करें। लेकिन, यह मुकाम कुछ ही लोगों को मिल पाता है। वहीं UPSC Exam के बाद होने वाले इंटरव्यू को लेकर अक्सर लोगों में भ्रम रहता है। कारण, कई तरह के वीडियो सामने आते रहते हैं जिनमें बताया जाता है कि इंटरव्यू (UPSC Interview) में उटपटांग सवाल पूछे जाते हैं। इसी को लेकर मेरठ के रहने वाले निशांत जैन (IAS Nishant Jain) ने बड़ा खुलासा किया है।

दरअसल, निशांत जैन ने 2014 में सिविल सेवा परीक्षा देकर 13वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में इस परीक्षा से जुड़े कई राज खोले। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार निशांत का कहना है कि लोगों को अक्सर ऐसा लगता है कि यूपीएससी की तैयारी के लिए उम्मीदवारों को 20 से 22 घंटे पढ़ाई करनी पड़ती होगीस जबकि ऐसा नहीं है। तैयारी के लिए दिन में अच्छे से 7 से 8 घंटे की पढ़ाई ही काफी होती है।

वह बताते हैं कि जब वे मेरठ से दिल्ली आए तो यहां तैयारी करने के बाद पहली बार जब उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी तो वह प्रीलिम्स में ही फेल हो गए थे। इसके बाद वह काफी निराशा हो गए थे। लेकिन, उस समय उनके दोस्तों और परिवारवालों ने इससे निकलने में उनकी मदद की। उन्होंने फिर से तैयारी की और 13वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उन्होंने एक किताब लिखने के बारे में सोचा। जिसका नाम है 'रुक जाना नहीं' रखा।

निशांत जैन का कहना है कि अक्सर यूट्यूब पर ऐसी वीडियो सामने आती हैं जिनमें IAS इंटरव्यू से जुड़े कई फर्जी सवाल पूछे जाते हैं। जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। इंटरव्यू में बहुत ही मीनिंगफुल प्रश्न पूछे जाते हैं। यूट्यूब पर मौजूद इस तरह के वीडियो फर्जी होते हैं और लोगों को इन पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। हां, इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से उनके बैकग्राउंड के बारे में जानकारी ली जाती है। वहीं ऐसा भी नहीं है कि टॉपर्स को सारे सवालों के जवाब आते हैं, उन्हें भी कई सवालों के जवाब में कठनाईयों का सामना करना पड़ाता है।

निशांत जैन ने बताया- 'जो उम्मीदवार हिंदी माध्यम से किसी भी परीक्षा की तैयारी करते हैं उनके अंदर आत्मविश्वास की कमी देखने को मिलती है. हालांकि अभी माहौल में बदलाव हो रहा है. आज सरकारी और गैरसरकारी संस्थानें हिंदी में पहले के मुताबिक अच्छे स्तर पर काम कर रही है.'

Published on:
07 Feb 2020 02:03 pm