एनसीआर में अगले हफ्ते तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा। यमुना का जलस्तर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन डूब क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात अभी भी बने हुए हैं। किसानों की फसलें पानी में डूबी हैं और लोग पलायन कर अस्थायी ठिकानों पर शरण ले रहे हैं। मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
यमुना का जलस्तर भले ही थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन बाढ़ जैसे हालात अभी भी डूब क्षेत्र में बने हुए हैं। यमुना किनारे बसे किसानों और मजदूरों को अपना घर छोड़कर सड़कों पर झुग्गियां बनाकर रहने को मजबूर होना पड़ा है।
हजारों बीघा खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूबी हुई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है, लेकिन बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में रहने वालों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं। कई जगहों पर लोगों को पलायन करना पड़ रहा है और अस्थायी ठिकानों में शरण लेनी पड़ रही है।
उधर, मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि एनसीआर में अगले पूरे हफ्ते तक बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 21 और 22 अगस्त को आंधी और बारिश के साथ गरज-चमक की आशंका रहेगी। 23 से 25 अगस्त तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और मध्यम दर्जे की बारिश होगी। 26 और 27 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश या फिर तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान 31 से 36 डिग्री और न्यूनतम 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं, नमी (ह्यूमिडिटी) 60 से 95 प्रतिशत तक रहने की संभावना है, जिससे उमस और बढ़ सकती है।
मौसम विभाग ने फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और यमुना का अभी भी ऊंचा जलस्तर लोगों की चिंताओं को बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो किसानों की फसलों का और भी ज्यादा नुकसान हो सकता है।