
नोएडा। कोरोना वायरस के चलते सरकार लोगों को जस के तस रोकने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन लोग उसके बाद भी पलायन करने कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उनके सामने खाने और रहने की समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि, यूपी सरकार ने भी मकान मालिकों से अपील की थी कि वे एक माह का किराया नहीं न मांगें। अगर कोई किराया लेता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी कड़ी में लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाने शुरू कर दिए है।
नोएडा के बरौला गांव के रहने वाले कुशल पाल ने अपने किरायेदारों की आर्थिक मदद की है। इस मुश्किल दौर में उन्होंने जहां 50 किरायेदारों का किराया माफ करते हुए उन्हें अपनी तरफ से राशन भी दिया है। किरायेदारों के अलावा सुरक्षा गार्ड और ड्राइवरों को आटे के पैकेट भी वितरित किए हैं। कुशलपाल का कहना है कि मुसीबत की घड़ी में सभी को एकजूट होने की जरुरत हैं। यह कदम दूसरे लोगों के लिए भी प्रेरणा का सबब बन सकता है।
दरअसल, बड़ी संख्या में दिल्ली एनसीआर में उद्योगिक इकाईयां है। यहां मल्टीनेशनल कंपनियों से लेकर छोटी—छोटी कंपनी मौजूद है। देशभर से लाखों की संख्या में लोग नौकरी पेशे करते हैं। लॉकडाउन की वजह से लोगों के सामने खाने और रहने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं, उद्योग जगत से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि हजारों की संख्या में लोगों के जाने से भारी नुकसान हो सकता है। पहले से ही आर्थिक मंदी का दौर है। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद कंपनी शुरू नहीं हुई तो इसके विपरित प्रभाव पड़ेंगे।