नोएडा

ये देश ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे अनोखा स्कूल, जहां ट्रेन में लगती है क्लास

स्कूल को इस तरह बनाया गया है कि यहां बच्चे बिना किताब भी पढ़ सकते हैं।

3 min read
May 02, 2018

रामपुर। स्कूल का नाम सुनते ही हमारे जहन में एक बिल्डिंग और खुला मैदान आता है, जहां बच्चे पढ़ाई कर रहे हो। वहीं अगर सरकारी स्कूलों की बात की जाए जो लोगों को लगता है कि ऐसे ही कोई कमरे बने होंगे जहां नीचे बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं। लेकिन यूपी के जिले में एक ऐसा अनोखा सरकारी स्कूल है जो देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी नहीं है।

प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन की तरह सजा स्कूल

रामपुर के सैदनगर के लालपुर कलां सरकारी स्कूल को इस तरह डिजाइन किया गया है मानों यह कोई भवन नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म पर खड़ी एक एक्सप्रेस ट्रेन है। इतना ही नहीं, स्कूल में प्रवेश करते हुए बच्चे ऐसे लगते हैं जैसे वह ट्रेन में सवार हो रहे हैं। स्कूल की दीवार और बरामदे पर की गई चित्रकारी और ट्रेन की तरह सजाया गया स्कूल चर्चा का विषय बना हुआ है। साथ ही लोगों को काफी लुभा भी रहा है।

बिना किताब भी पढ़ सकते हैं बच्चे

इस सरकारी स्कूल के क्लास रूप में ऐसी व्यवस्था की गई है कि यहां पढ़ने आने वाले छोटे बच्चों के बिना कितान के ही पढ़ाया जा सकता है। क्लास रूप की दीवारों पर अंक व अक्षर लिखे गए हैं। जिससे यहां बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी कई तरह की सुविधा मिल पाती हैं।

VIDEO : दूल्हे ने शराब के नशे में किया ऐसा काम कि दुल्हन ने बुला ली पुलिस

गूगल पर देखकर आया आइडिया

स्कूल की टीचर शबनम आरा का कहना है कि जब तीन साल पहले उनकी इस स्कूल में नियुक्ति हुई तो भवन की हालत अच्छी नहीं थी। जिसके बाद उन्होंने स्कूल की इमारत ठीक करने का निर्णय लिया और गूगल पर खूबसूरत सरकारी स्कूलों को सर्च किया। इस दौरान उन्हें एक स्कूल ट्रेन के लुक में दिखा। उन्होंने फिर अपने स्कूल को भी ट्रेन का लुक देने की योजना बनाई और पेंटर को बुलाया।

खुद की डिजाइनिंग

बता दें कि इस स्कूल को ट्रेन की लुक देने के लिए शबनम ने खुद डिजाइनिंग की। वह पेंसिल से दीवारों पर डिजाइन बनाती रही और पेंटर उसमें पेंट करते रहे। जिसके बाद यह स्कूल इतना आकर्षित हो गया है कि लोगों को लुभा रहा है। शबनम ने बताया कि सरकार द्वारा स्कूल की रंगाई पुताई के लिए हमे मात्र 10 हजार रुपये दिए थे। लेकिन इस स्कूल को बेहतर लुक देने के लिए 40 हजार और खर्च कर दिए हैं।

प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर होती हैं एक्टिविटिज

टीचर ने बताया कि स्कूल की लुक को देखते हुए दो हफ्ते के भीतर 40 बच्चों ने यहां दाखिला लिया है। वर्तमान में स्कूल में 162 बच्चे पढ़ाई करते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में प्राइवेट स्कूल की तर्ज पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। जिससे की बच्चों को बेहतर शिक्षा के अलावा अलग-अलग एक्टिविटिज में भी रूची रहे।

Published on:
02 May 2018 05:32 pm
Also Read
View All