उप्र के शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम की हत्या की साजिश के मास्टरमाइंड ने दुबई में ली थी अंडर वर्ल्ड डॉन से सुपारी
नोएडा. उप्र के शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को मारने की साजिश रचने में गिरफ्तार सलीम अहमद को पुलिस ने इस साजिश का मास्टरमाइंड करार दिया है। पुलिस सुत्रों के मुताबिक वह पहले सिलाई-कढ़ाई का काम करता था, लेकिन बाद में आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया। उसपर लूटपाट और झपटमारी के मुकदमे भी दर्ज हैं। बताया जाता है कि वह चार वर्षों तक मुंबई के आर्थर रोड जेल में भी रह चुका है। पुलिस सुत्रों के मुताबिक जेल से निकलने के बाद वह रियाद चला गया था। इस बीच वह भारत आता-जाता रहा। इस बीच वर्ष 2017 दिसंबर में सलीम दुबई चला गया । बाताया जाता है कि इसी दौरान उसकी मुलाकात दुबई में दाऊद इब्राहिम का दाहिना हाथ माने जाने वाले छोटा शकील के सहयोगी से हुई थी। इस मुलारकात के दौरान शकील ने उसे वसीम रिजवी को मारने के लिए तीन हजार दिरहम 53 हजार रुपये पेशगी के तौर पर दिए गए। पुलिस के मुताबिक यह रकम हवाला के जरिये सलीम को मिली थी।
मालामाल करने का किया गया था वादा
पुलिस सुत्रों के मुताबिक शकील के सहयोगी ने सलीम से कहा था कि पहला विकेट गिराओ मालामाल कर देंगे। गौरतलब है कि छोटा शकील हिन्दू महासभा के स्वामी चक्रपाणि और विवादित लेखक तारिक फतेह को भी धमकी दे चुका है। इसके बाद वह इस साजिश को अंजाम देने के लिए मार्च 2018 में वह भारत आ गया। देश लौटने के बाद उसने अपने साथी आरिफ और अबरार से संपर्क किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अबरार दिल्ली की ओखला मंडी में एक व्यापारी के यहां 15 साल तक काम कर चुका है। इसके बाद में वह अपने गांव चला गया था। वर्ष 2017 में हत्या के प्रयास के एक मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बताया जाता है कि हाल ही में वह जेल से छूटकर निकला था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसने ही अपने संपर्क के माध्यम से सलीम को हथियार व अन्य सामग्री उपलब्ध करवाए थे। वहीं, आरिफ वेल्डिंग का काम करता था। 2016 में हत्या के प्रयास के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उप्र के शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के तीन सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इन तीनों आरोपियों की रहचान सलीम अहमद अंसारी, अबरार और आरिफ के रूप में की गई है। ये तीनों आरोपी उप्र के बुलंदशहर के रहने वाले हैं।
दरअसल, स्पेशल सेल ने सूचना मिलने पर 12 अप्रैल को बुलंदशहर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से दो पिस्टल, एक कट्टा और 14 कारतूस बरामद करने का दावा भी किया है। बताया जाता है कि पुलिस ने इनके चौथे साथी का भी पता लगा लिया है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस जुटी हुई है। स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा के मुताबिक पुलिस को जानकारी मिल रही थी कि भगोड़ा दाऊद इब्राहिम भारत में अपने संपर्को के माध्यम से बड़ी वारदात को अंजाम देने की जुगत में लगा हुआ है। इसके बाद से ही पुलिस ने उसके सहयोगियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। इस बीच इन आरोपियों फोन पर हो रही बातचीत के आधार पर पता चला कि बुलंदशहर के कुछ बदमाश उत्तर प्रदेश के शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को मारने की पलानिंग बना रहे हैं। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम ने 12 अप्रैल को बुलदंशहर इलाके से सलीम अहमद अंसारी, अबरार और आरिफ को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने रिजवी के ऑफिस की कर चुके हैं रेकी
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने दिल्ली में बैठक की थी। इसके बाद रेकी के इरादे से वे 19 मार्च को लखनऊ स्थित रिजवी के दफ्तर पर भी गए थे। बताया जाता है कि उनपर हमले की योजना के तहत डी. कंपनी ने के बदमाशों ने वहां सुरक्षा प्रबंध का जायजा भी लिया था। गौरतलब है कि वसीम रिजवी ने राम मंदिर निर्माण के पक्ष में और मदसरों के खिलाफ कई भड़काऊ बयान दे चुके हैं। इसके बाद से ही उनके पास धमकी भरे फोन आने शुरू हो गए थे। उनकी शिकायत पर इस संबंध में लखनऊ पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया था।
तीनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत
पटियाला हाउस कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को जान से मारने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार दाऊद के कथित तीन सहयोगियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत की अदालत में याचिका दायर कर दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के लिए तीनों आरोपितों आरिफ, अबरार और सलीम अहमद अंसारी की पांच दिन की हिरासत मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।