50 हजार का इनामी दूसरा बदमाश भागने में रहा कामयाब
मेरठ. देर रात मेरठ शहर में एक बार फिर से मुठभेड़ में हुई गोली-बारी की तड़तड़ाहत से शहर में दहशत फैल गई। पुलिस और बदमाशों की इस मुठभेड़ में कुख्यात विशाल जाट को गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर वहीं गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया । जहां अभी उसका इलाज चल रहा है। वहीं, पकड़े गए बदमाश का अन्य साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहा ।
दरअसल, बदमाशों के मूवमेंट की सूचना पर परिक्षितगढ़ पुलिस द्वारा नहर पूल पर चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर 2 लोग आते हुए दिखाई दिए। पुलिस पार्टी द्वारा जब उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो वे पुलिस के ऊपर फायर करते हुए भावनपुर रोड पर भागने लगे। इसके बाद पुलिस ने भावनपुर पुलिस को सूचना देने के साथ ही बदमाशों का पीछा किया। इसी दौरान खजूरी के पास खानपुर मोड़ पर बदमाशों को दोनों तरफ से घेर लिया। पुलिस से घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फिर से फायरिंग शुरू कर दी । इसके बाद बदमाश मोटरसाइकिल छोड़ कर खेतों की ओर भागे। इस दौरान पुलिस की जबाबी फायरिंग में एक बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बदमाश को पुलिस ने घेर कर गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि दूसरा बदमाश भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश हेतु खेतों में कॉम्बिंग की गई, लेकिन पुलिस को कोई कामयाबी हाथ नहीं लगी।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश का नाम विशाल जाट है। वह हस्तिनापुर के किशोरपुर के रहने वाले देवेंद्र के बेटे हैं। बताया जाता है कि यह शातिर किस्म का अपराधी है, जो किराये पर मर्डर करता है। पूछताछ को दौरान बदमाश ने खुलासा किया कि उसने कल लाख पावड़ी,कोतवाली शामली में सोनू के साथ स्कूल संचालक विनय मलिक की हत्या की थी, जिसमें मृतक विनय के पार्टनर बृजेश ने हत्या करने के लिए 2 लाख की सुपारी दी थी। इससे पहले मैंने और सोनू ने मुजफ्फरनगर के भोपा में शोभाराम आहेड़िया की हत्या की थी। उसने बताया कि आज वो और सोनू कंही छुपने के फिराक में जा रहे थे इस दौरान पुलिस से मुठभेड़ हो जाने की वजह से वह पकडा गया । मेरे साथ सोनू गुजर पुत्र धर्मसिंह निवासी अलीपुर मोरना हस्तिनापुर था,जो भाग गया। उस पर हस्तिनापुर के डबल मर्डर केस में 50 हजार जा ईनाम है ।