नोएडा

मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल को जैनेंद्र पाठक ने भेजा कानूनी नोटिस, बोले- झूठे आरोप ना लगाएं कांग्रेस नेता

इस समय बीजेपी बनाम कांग्रेस की लड़ाई देखी जा रही है। जैनेंद्र पाठक ने पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल चेतावनी दे डाली है और खुद पर लगाए आरोपों पर माफी मांगने को कहा है।
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Updated: 10 Sep 2025, 11:44 PM IST
भाजपा विधायक विश्वामित्र पाठक के भतीजे जैनेन्द्र पाठक
भाजपा विधायक विश्वामित्र पाठक के भतीजे जैनेन्द्र पाठक

Jainendra Pathak: मध्यप्रदेश के मशहूर मछली परिवार प्रकरण में सिहावल से भाजपा विधायक विश्वामित्र पाठक के भतीजे जैनेन्द्र पाठक का नाम सामने आया है। ऐसे में उन्होंने कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल समेत कांग्रेस के कई नेताओं पर पलटवार करते हुए सभी को कानूनी नोटिस भेजा है। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर नोटिस की कॉपी भी शेयर की है और कमलेश्वर पटेल पर राजनीतिवश झूठ फैलाने और अपनी छवि को खराब करने का आरोप लगाया है। जैनेन्द्र पाठक ने साफ कहा है कि कमलेश्वर पटेल ने अगर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो वह उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे।

जैनेंद्र पाठक ने की थी नोटिस की कॉपी शेयर (Jainendra Pathak Share Legal Notice Copy)

बता दें, मंगलवार को जैनेंद्र पाठक ने अपने सोशल मीडिया पर नोटिस की कॉपी और बयान जारी किया था। उन्होंने कहा था, “कमलेश्वर पटेल ने राजनीति से प्रेरित होकर बिना तथ्यों के मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं, मैं और मेरा परिवार शुरू से बीजेपी का समर्थक रहा है, लेकिन हम अपराध या किसी अपराधी को बढ़ावा नहीं देते हैं।”

जैनेंद्र पाठक ने लगाए कमलेश्वर पटेल पर आरोप

जैनेंद्र पाठक ने आगे कहा, “कांग्रेस के नेता मुझे मोहरा बनाकर एमपी की न्यायप्रिय मोहन यादव सरकार को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। इस गैर जिम्मेदाराना कार्य के लिए कमलेश्वर पटेल को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए और सोशल मीडिया पर जारी किये गये मनगढ़ंत पोस्ट को हटाना चाहिए।”

सोशल मीडिया पर लोग कर रहे सपोर्ट

गौरतलब है कि भोपाल के मछली परिवार के मामले में एमपी की बीजेपी सरकार बहुत सख्त है और कांग्रेस इस पूरे मामले पर राजनीति कर रही है। लेकिन जैनेंद्र पाठक के सामने आ जाने से यह मामला और आगे बढ़ गया है, क्योंकि जैनेंद्र ने यह साफ कर दिया है कि अगर कमलेश्वर पटेल माफी नहीं मांगते हैं तो उनके सामने कानूनी विकल्प खुला हुआ है। सोशल मीडिया पर बीजेपी समर्थक जैनेंद्र के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग कमेंट कर रहे हैं कि व्यक्ति को उसकी ही भाषा में सख्ती से जवाब देना चाहिए। कुछ सोशल मीडिया यूजर ने प्रियांक कानूनगो को भी बिना सबूत के आरोप लगाने पर आड़े हाथों लिया है।

Updated on:
10 Sep 2025, 11:44 PM IST
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